
ज्योति हत्याकांड
इलाहाबाद. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कानपुर नगर के चर्चित बिस्किट व्यवसायी पीयूष श्याम दासानी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पीयूष पर प्रेम प्रसंग के चलते अपनी पत्नी ज्योति श्यामदासानी की हत्या करने का आरोप है।
यह आदेश न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी ने दिया है। कोर्ट ने कानपुर ट्रायल कोर्ट को आपराधिक मुकदमों को 8 माह में तय करने का भी आदेश दिया है। मालूम हो कि पति ने अपनी पत्नी का कार से अपहरण कर दो बाइक सवारों द्वारा हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज करायी। पुलिस विवेचना में परिवार के लोगों द्वारा बहू की हत्या करने पर घटना को नया मोड़ देने का खुलासा किया गया। परिवार वालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल की गयी है। सत्र न्यायालय द्वारा जमानत अर्जी खारिज होने के बाद हाईकोर्ट में यह अर्जी दाखिल की गयी थी।
पीड़ित पक्ष की तरफ से अधिवक्ता विनय सरन ने प्रतिवाद किया। इनका कहना था कि अपराध क्षम्य नहीं है क्योंकि प्लानिंग के साथ हत्या कर उसे अपहरण कर हत्या की कहानी बनाकर दबाने का षडयंत्र किया गया। पति ने दूसरी लड़की से प्रेम के चलते हत्या की। पति ने शर्ट बदल कर प्राथमिकी दर्ज करायी। जबकि दोनों रेस्टोरेंट में साथ खाना खाए और कार में ही लाश बरामद हुई। शक की सुई ने अपहरण की कहानी को मोड़ दिया और सुनियोजित हत्या के आरोप में आरोप पत्र दाखिल हुई।
27 जुलाई 2014 को कानपुर में हुए ज्योति हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। इसकी गूंज उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक सुनाई दी थी। पुलिस द्वारा केस के खुलासे में कहा गया था कि ड्राइवर द्वारा पीयूष ने हत्या कराई थी । पुलिस के मुताबिक, पीयूष का गैर महिला से अवैध संबंध चल रहा था और पीयूष ने अपनी पत्नी ज्योति को रास्ते से हटाने के लिए हत्या कराई थी.
Published on:
08 Sept 2017 12:04 pm
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