21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दो साल पहले हुए डबल मर्डर मामले में पुलिस ने शुरू की ताबड़तोड़ छापेमारी

पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद सहित 15 लोग हैं आरोपित, 25 सितम्बर 2015 की रात हुई थी दो लोगों की हत्या

2 min read
Google source verification
raid

दो साल पहले हुए डबल मर्डर मामले में पुलिस ने शुरू की ताबड़तोड़ छापेमारी

इलाहाबाद. दो साल पहले मरियाडी में हुए डबल मर्डर मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। पुलिस ने सोमवार देर रात तक विभिन्न जगहों पर ताबडतोड़ छापेमारी की। मालूम हो कि मरियाडीह डबल मर्डर मामले के खुलासे में पूर्व सांसद अतीक अहमद और उसके 15 गुर्गों का नाम सामने आया है। बता दें कि 25 सितम्बर 2015 को बकरीद की रात को आबिद का ड्राइवर सुरजीत प्रधान की चचेरी बहन और अल्कमा को घर छोड़ने जा रहा था। घर पहुंचते ही उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी। इस फायरिंग में चालक और अल्कमा की मौके पर ही मौत हो गई थी।

इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने दो साल बाद शनिवार को किया। जिसमें पुलिस द्वारा आरोपति बनाए गए सात लोगों को गलत पाया। जिनका नाम केस से हटा दिया गया। साथ ही उन पर घोषित इनाम को भी रद्द कर दिया गया। वहीं मरियाडीह में दो साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड में 15 लोगों को आरोपित बनाया गया। जिसमें पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद सहित अन्य पर हत्याकांड की साजिश रचने का आरोप है। वहीं अल्कमा के सगे भाई शेरू को भी आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा फरहान, जावेद, आबिद प्रधान का भाई माजिद, फैसल, एजाज अख्तर, अबू बकर, आसिफ, जुफ्फिकार उर्फ तोता, पप्पू बेली, मुन्ना, नसीम का नाम भी दोहरे हत्याकांड में शामिल है। इसमें से कई ऐसे आरोपित हैं जो राजूपाल हत्याकांड में भी नामजद हैं। इन आरोपियों की तलाश में सोमवार को पुलिस ने शहर में जगह-जगह छापेमारी की।

छापेमारी में अल्कमा के भाई से देर रात तक हुई पूछताछ


सोमवार देर रात तक धूमनगंज पुलिस सहित तीन थानों की फोर्स अतीक के करीबियों सहित कई अन्य जगह ताबडतोड़ छापेमारी की। छापेमारी में आबिद प्रधान सहित किसी भी नामजद आरोपी का सुराग नहीं लग सका। छापेमारी के दौरान ही पुलिस को सूचना मिली कि चाय की दुकान पर अल्कमा का भाई शेरू बैठा है। पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा तो वह अल्कमा का छोटा भाई निकला। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर देर रात तक पूछताछ करती रही। हालांकि अभी तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

by Arun Ranjan