जबकि सपा चार बार, बीजेपी एक बार, बीएसपी एक बार, जनता दल दो बार, एसएसपी एक बार, बीएलडी एक बार व जेडीएस एक बार जीती है। सर्वाधिक सात बार जीत दर्ज करने के कारण यह सीट कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का विषय बनी हुई है। ऐसे में कांग्रेस इस बार अपनी खोयी प्रतिष्ठा को पाने के लिए पूरी ताकत झोंकती नजर आएगी। माना जा रहा है कि फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में सीट पर जीत दर्ज करने के लिए इस बार कांग्रेस गठबंधन की राह तलाश रही है।