
कुंभ में स्नान और फिर आनंद भवन से प्रियंका संभालेंगी सियासी कमान!
प्रयागराज. लोकसभा चुनाव के पिच पर सियासी दांव-पेंच जारी हैं। शह-मात के खेल में कांग्रेस हिंदुत्व कार्ड से ही भाजपा को मात देने की तैयारी में है। इसके लिए कुंभ से अच्छा स्थल नहीं हो सकता, जहां साधक के साथ ही लाखों साधु-संतों का डेरा है और मिनी भारत आकार ले रहा। इसी रणनीति पर कार्य करते हुए प्रियंका गांधी संगम में स्नान के बाद पैतृक आवास आनंद भवन से सियासी पारी का आगाज कर सकती हैं। उनके साथ राहुल गांधी भी होंगे। कांग्रेस सूत्रों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में चुनावी शंखनाद का यह सबसे बड़ा मौका होगा। साथ ही प्रियंका का आगमन नया जोश भर जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी मौनी अमावस्या या बसंत पंचमी पर प्रयागराज आ सकती हैं।
दरअसल, 2009 में अच्छा परफारमेंस करने वाली कांग्रेस 2014 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में सिर्फ दो सीटों पर सिमट गई थी। ऐसे में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में संजीवनी की तलाश थी। लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने के लिए बहुप्रतीक्षित प्रियंका गांधी की सियासी इंट्री कराई गई। अब उनके कार्यभार ग्रहण करने के लिए भी खास रणनीति तैयार की जा रही है। इसके तहत धर्म और राजनीति को जोड़ा जाएगा, जो खासकर हिंदू मतदाताओं को प्रभावित करेगा।
आनंद भवन आने के मायने
दरअसल, कांग्रेस और आनंद भवन एक-दूसरे के पूरक हैं। कभी प्रयागराज(इलाहाबाद) का आनंद भवन सत्ता का केंद्र होता था। इसी से सटे लोकसभा सीट फूलपुर से पंडित जवाहर लाल नेहरू तीन बार सांसद चुने गए। पंडित नेहरू के बाद उनकी बहन विजय लक्ष्मी पंडित भी इसी सीट से दो बार सांसद रहीं। जवाहर लाल नेहरू, विजय लक्ष्मी पंडित, इंदिरा गांधी आनंद भवन से ही यूपी की राजनीति को साधते थे। लेकिन बाद में यहां कांग्रेसियों का जमघट कम हुआ और उसी प्रकार प्रदेश में संगठन भी कमजोर हुआ। ऐसे में माना जा रहा है कि राहुल गांधी पंडित जवाहर लाल नेहरू का आजमाया दांव खेलते हुए आनंद भवन से ही प्रियंका गांधी की सियासी पारी शुरू कराएंगे।
शंकराचार्य ने कहा संगम में स्नान करेंगी प्रियंका
उधर, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने भी कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कुंभ में स्नान करने आएंगे। लेकिन अभी यह तय नहीं हो सका है कि वे मौनी अमावस्या पर आएंगे या फिर बसंत पंचमी पर।
पूर्वांचल में मजबूत होगी कांग्रेस
कांग्रेस सूत्राें का दावा है कि प्रियंका गांधी का सीधा असर पूरे पूर्वांचल पर पड़ेगा, जो कभी सीटों के मायने में पार्टी के लिए उपजाऊ भूमि थी। पूर्वांचल में करीब 26 लोकसभा क्षेत्र आते हैं। इसीलिए गाधी परिवार यहां का रुख करता था। पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने बताया कि प्रियंका गांधी अभी बाहर हैं। वे एक फरवरी को लौटेंगी। इसके बाद तय होगा कि वे कब कुंभ स्नान के लिए आएंगी। अभी यह तय नहीं है कि वे 4 फरवरी को आएंगी या 10 फरवरी को।
सोनिया गांधी भी 2001 में आई थीं कुंभ
2001 में कुंभ के दौरान सोनिया गांधी भी संगम आईं थीं। यहां शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद और टीकरमाफी के पीठाधीश्वर स्वामी हरी चैतन्य महाराज से उन्होंने आशीर्वाद लिया था।
Updated on:
29 Jan 2019 12:51 pm
Published on:
29 Jan 2019 10:41 am
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