
रेलवे देगा 1000 प्रवासी मजदूरों को रोजगार , प्रशिक्षण के बाद शुरू होगा काम
प्रयागराज। कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के चलते देशभर में लॉकडाउन है। देशभर में लोगों को काम देने वाले सभी प्रोजेक्ट बंद पड़े ऐसे में लॉकडाउन के चौथे चरण में सरकार द्वारा कुछ स्थानों पर काम शुरू करने की रियायत दी गई है। जिसके तहत उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत बन रहे पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर में बाहर से आए 1000 प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने की तैयारी की जा रही है।
डालकुनी लुधियाना के बीच मालगाड़ी के लिए अलग ट्रैक बिछाने में प्रवासी मजदूर काम करेंगे। 25 मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन में पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तहत बन रहे ट्रक का काम पूरी तरह से ठप पड़ा है ।लेकिन मजदूरों की मदद से काम दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। काम के लिए 1000 से अधिक प्रवासी मजदूरों का चयन किया जाएगा ।जिसके पास थोड़ी तकनीकी जानकारी होगी उन्हें प्राथमिकता डी जाएगी। ट्रैक निर्माण कर रही कंपनी यहां मजदूरों को विशेष काम का प्रशिक्षण देंगी। इसके बाद यह मजदूर काम करेंगे कंपनियां मजदूरों के रहने का इंतजाम भी करेंगी।
मिर्जापुर और फतेहपुर के बीच कई बड़ी कंपनियां ट्रैक बिछाने का काम कर रही हैं। कंपनियों के पास कुशल मजदूर थे ।लेकिन लॉग डाउन के चलते 1000 से अधिक प्रशिक्षित मजदूर अपने गांवों को वापस लौट गए हैं ।इस समय काम शुरू करने के लिए कम से कम 20000 मजदूरों की जरूरत है। पुराने मजदूरों के ना मिलने पर प्रवासी मजदूरों को काम देने का निर्णय लिया गया है। डीएफसी के महाप्रबंधक ओमप्रकाश ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया है कि देश के अलग.अलग हिस्सों से आए मजदूर फैक्ट्रियों में काम करते थे। इन मजदूरों को ट्रेनिंग मिल जाए तो काम कराना आसान होगा। इस समय काम शुरू करने के लिए प्रवासी मजदूर काफी मददगार हो सकते हैं। डीएफसी के एक अन्य अधिकारी ने यह भी जानकारी दी है कि फ्रेट कॉरिडोर का काम ज्यादा दिनों तक नहीं रोका जा सकता। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ट्रैक पर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
Published on:
18 May 2020 05:45 pm
बड़ी खबरें
View Allप्रयागराज
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
