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केंद्रीय चिकित्सालय प्रयागराज में हुआ दुर्लभ ऑपरेशन, उम्मीद हार चुके राम चिरोंजी को मिला नया जीवन

मिर्जापुर के राम चिरोंजी को एक छोटी सी लापरवाही ने गंभीर बिमारी में फंसा दिया। आलम ये था कि बात जान पर बन आई थी लेकिन प्रयागराज के डॉक्टर्स ने उन्हें एक नई जिंदगी दी। आइए आपको बताते हैं पूरा माजरा।

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प्रयागराज के केंद्रीय चिकित्सालय में एक दुर्लभ ऑपरेशन किया गया। मरीज के परिजनों ने बताया कि मरीज को पिछले 1 साल से हर्निया की शिकायत थी लेकिन इनकी हालत अचानक बहुत तेज खांसी आने के कारण और भी गंभीर हो गई।

हर्निया के चलते आंत का आधा हिस्सा और अंडकोष प्रभावित

डॉक्टर्स की मानें तो हर्निया इतनी बड़ी थी कि आंत का आधा हिस्सा अंडकोष में आ गया था। मरीज को तुरंत इमरजेंसी ऑपरेशन के लिए ले जाया गया l मेडिकल हिस्ट्री और ऑपरेशन के दौरान पड़ा चला की आंत अंडकोष में पूरी तरह से दो अलग अलग जगह पे एकदम अलग हो गई है। जो की मरीज को ज्यादा खांसी आने की वजह से हुआ। Non traumatic complete Transection of intestine in incarcerated Hernia जो कि बहुत ही दुर्लभ जटिलता है। आम तौर पे Hernia Obstruction के लक्षण के साथ आते हैं और Perforation आघात की वजह से होते हैं।

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ऐसे बची मरीज की जान

डॉ संजय कुमार ने बताया कि चिकित्सा साहित्य के अनुसार आम तौर पे आन में छेद होना हर्निया के जटिलता में आता है लेकिन खांसी के बाद आंत को दो जगह से एकदम अलग हो जाना बहुत ही दुर्लभ केसों में ही मिलता है। मरीज के आंत का काफी हिस्सा और वृषण को निकाल कर मरीज की सफलता पूर्वक जान बचाई गई। मरीज और परिजनों ने पूरी तरह से उनके जीवित होने की आशा खो दिया था। जब राम चिरोंजी को सकुशल केंद्रीय चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई तब उनके खुशी की कोई सीमा न रहीl