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प्रयागराज संगम में 5 कोस तक सभी जगह मांस, मदिरा पर प्रतिबंध लगाने के लिए संतों का प्रस्ताव पास

तीर्थराज प्रयाग में इन दिनों संतों की परिषद ने एक बड़ी पहल शुरू कर दी है। जिसमें तीर्थ संगम क्षेत्र के चारों तरफ 5 कोस तक किसी भी प्रकार से मांस, मदिरा, अथवा मांसाहार पर रोक लगाई जाए। जिससे प्रयागराज संगम क्षेत्र की पवित्रता बनीं रहे। इस मांग को लेकर प्रयागराज में विद्वत परिषद की एक बड़ी बैठक बुलाई गई, जिसमें कई साधु संत शामिल हुए।

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Prayagraj Sangam Symbolic Pics

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प्रयागराज में श्रीपंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत यमुना पुरी महाराज ने कहा कि, प्रयागराज संगम क्षेत्र से मांस, मदिरा जैसे विभिन्न पदार्थों के खरीदने, बेचने और सेवन करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को लेकर हम सभी संतों ने प्रस्ताव पास किया है। हम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग करते हैं कि, इसे आगामी कुंभ से पहले पूर्ण कर लिया जाए।

विश्व भर में सनातन धर्म की संरक्षक प्रयागराज संगम
प्रयागराज में विद्वत परिषद की इस बड़ी बैठक में साधु-संतों ने एक प्रस्ताव रखा, जिसे परिषद में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए पास कर दिया गया। परिषद की बैठक में साधु-संतों ने कहा कि, प्रयागराज भारतीय संस्कृति सबसे तीर्थ स्थल है। दुनिया भर में सनातन संस्कृति और धर्म का विशेष महत्व है, इसमें प्रयागराज के संगम का ख़ास महत्व है। इसी क्षेत्र की शुद्धता और पवित्रता बनाए रखने के लिए हमने ये प्रस्ताव पास किया है।

हम सरकार से संगम क्षेत्र के चारों तरफ पांच कोस में मांस, मदिरा के क्रय, विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना जरूरी है। साधु-संतों ने कहा है कि सीएम योगी से उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह जरूर संतों की इस मांग पर विचार करेंगे।

आश्रमों से अवैध कब्जा हटाने की मांग
प्रयागराज विद्वत परिषद की ये बैठक प्रयागराज के अलोप शंकरी शक्ति पीठ मंदिर परिसर में सम्पन्न हुई। इसमें अखाड़ों, मठों से जुड़े साधु-संतों ने इस पर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। सभी संतों के कहा कि, महर्षि भरद्वाज आश्रम समेत अन्य सभी आश्रमों से अवैध कब्जा हटाने की मांग भी रखी।

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