5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बच्चों को डांटा तो शिक्षकों की खैर नहीं…पूरे UP में जारी डीजी के आदेश से मची खलबली

School news: उत्तर प्रदेश के किसी भी स्कूल में अब बच्चों को फटकारने वाले शिक्षक की खैर नहीं होगी। कोई भी शिक्षक अब छात्र-छात्राओं को मानसिक या शारीरिक दंड नहीं दे सकता।

less than 1 minute read
Google source verification

School news: प्रदेश के प्राइमरी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अध्यापक किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक दंड नहीं दे सकते हैं। इसे लेकर राज्य महानिदेशक कंचन वर्मा ने इस संबंध में सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। महानिदेशक की ओर से जारी आदेश में बच्चों को शारीरिक दंड दिए जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए उनके अधिकारों के प्रति संवेदनशील तथा हिंसक संस्कृति का द्योतक मानते हुए पूर्ण प्रतिबंधित किया गया है।

विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा बच्चों को झड़ना फटकारना परिसर में दौड़ना चिकोटि काटना छड़ी से पीटना चांटा मारना चपत मारना घुटनों को पर बैठना यौन शोषण प्रताड़ना कमरों में बंद करना आदि प्रकार के दंड पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। ऐसा कोई कृत्य जिसमें छात्रों को अपमानित करना या नीचा दिखाना शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचाने वाला हो उसे पूरी तरह से रोका गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी बच्चों को व्यापक प्रचार प्रसार से यह बताएं कि वह शारीरिक दंड के विरोध में अपनी बात कहने का पूरा अधिकार रखते हैं।

School news: वही इस आदेश को लेकर बीएसए प्रयागराज प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि किसी भी विद्यालय में बच्चों को दंडित नहीं किया जाएगा। यदि कहीं से ऐसी कोई शिकायत आती है तो जिम्मेदार अध्यापक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।