
सिद्धार्थनाथ सिंह
इलाहाबाद. ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा देश के हर जिले में शरीयत अदालतें खोले जाने की मांग को लेकर चल रही सियासत बाजी पर यूपी सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अपनी सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि शरीयत अदालतें खोले जाने की संविधान कतई इजाजत नहीं देता है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि बोर्ड संविधान के दायरे से बाहर जा रहा है। उन्होंने कहा है कि अगर ऐसा ही सभी लोग करने लग जायेंगे, तो संविधान की धज्जियां उड़ जायेंगी। देश में कानून का कोई मतलब नही रह जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट या फिर हाईकोर्ट का कोई औचित्य रह नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा है कि अगर कोई भी व्यक्ति ऐसा प्रयास कर रहा है, और कोई राजनीतिक दल इसका समर्थन कर रहा है।तो यह भी कतई उचित नहीं होगा। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि अगर किसी को ऐसा विचार भी आये और कोई प्रयास करेगा तो उसे ऐसा करने नहीं दिया जायेगा।इस प्रकार के कानून के लिए सोचना भी गलत है।
उन्होंने कहा है कि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मसलों को भी अदालतों ने रिजेक्ट करना शुरु कर दिया है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि जिस तरह से ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की हार हुई है। इसी तरह से शरीयत अदालतों को लेकर भी ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का हश्र होगा।
सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि सभी समस्याओं का एक ही समाधान कॉमन सिविल कोड ही है। उन्होंने कहा है कि अपने-अपने तरीके से कानून की व्याख्या करने की भी कोई आवश्यकता नहीं है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि संविधान का इकबाल रहना चाहिए उसके लिए अदालतें हैं और संसद भी है।
By- Prasoon Pandey
Published on:
15 Jul 2018 09:50 am
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