
शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन की रकम निजी कंपनी में निवेश करने वाले DIOS बाबू आलोक गुप्ता को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया है।
मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक दिव्यकांत शुक्ल ने वरिष्ठ सहायक आलोक गुप्ता को डीआईओएस के यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर टीचर-कर्मचारियों के एनपीएस खातों में निवेश रकम को बिना उनकी सहमति के डिफाल्ट फंड से अन्य फंड में ट्रान्सफर करने का दोषी पाया है।
कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के विरुद्ध कार्य करने पर आलोक गुप्ता को निलंबित करते हुए राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज अर्जुनपुरगढ़ा फतेहपुर से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच मंडलीय सहायक बेसिक शिक्षा निदेशक तनुजा त्रिपाठी को दी गई है। जानकारों की मानें तो इस मामले में एफआईआर भी कराने की तैयारी है।
कंपनी में ट्रांसफर राशि 80 करोड़ से अधिक
एनपीएस में निवेशित 80 करोड़ से अधिक रकम निजी कंपनी में ट्रांसफर करने की चर्चा है। बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी एनपीएस का लेखाजोखा ऑनलाइन देख नहीं पाते लेकिन सूत्रों की मानें तो 80 करोड़ रुपये से अधिक निजी कंपनी के खाते में डाले गए हैं।
इतनी बड़ी रकम निजी कंपनी में ट्रान्सफर करने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आरोप लगाया जा रहा है कि इसके लिए निजी कंपनी के प्रतिनिधियों ने कमीशन के रूप में मोटी रकम भी दी है।
शिक्षक संघ ने सौंपा ज्ञापन
प्रयागराज के एडेड कॉलेजों के शिक्षकों के एनपीएस का धन प्राइवेट कंपनियों को बिना शिक्षकों की सहमति के स्थानांतरित करने के मामले में माध्यमिक शिक्षक संघ ने गंभीरता से लिया है। संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को सम्बंधित अधिकारियों को ज्ञापन देकर आपत्ति दर्ज कराई।
Published on:
28 Oct 2023 03:37 pm
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