सोमवार को नैनी जेल से 24 कैदियों को प्रिजन वैन जिला कोर्ट में पेशी के लिए लाया जा रहा था। वैन में दरोगा भूपेंद्र सिंह, ड्राइवर रमेश दीक्षित, सिपाही सुजीत यादव, अनिल कुमार, उमेश चंद्र सुरक्षाकर्मी के रूप में बैठे थे। जगराम चैराहे पर करीब 12 बजे जाम लगा हुआ था। इसके कारण कैदियों से भरी वैन जाम में फंस गई। जाम हटाने के लिए पीछे बैठे दो बंदूकधारी सिपाही नीचे उतरे। उनके हटते ही मौका पाकर कैदी मउआइमा का संतोष, अमरोहा का मोहम्मद वसीम व उडीसा का अनिल गुप्ता भाग खडे हुए। उनके भागते ही जाम हटाने में लगे पुलिसकर्मी शोर मचाने लगे। इस शोर को सुन कर अरविंद गुप्ता व राजू केसरवानी नामक दो व्यक्तियों ने कैदी अनिल को धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं संतोष और वसीम पुलिस के हाथ नहीं लग पाए। उनके भागने की जानकारी जैसे ही पुलिस प्रशासन को लगा होश उड गए। इस दौरान तत्काल घटना स्थल पर एसपी सिटी राजेश यादव, सीओ कर्नलगंज वीरेंद्र कुमार सहित अन्य आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। भागे हुए दोनों कैदियों को पकडने के लिए शहर में चारो तरफ पुलिस की नाकाबंदी की गई। लेकिन अब तक भागे हुए दोनों कैदियों का पता नहीं चल पाया है। मिली जानकारी के अनुसार भागे हुए कैदियों में संतोष पर जालसाजी के आरोप में और वसीम बाइक चोरी के आरोप में नैनी जेल में बंद थे।