13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

प्रयागराज में दातून तोड़ते समय हुआ कुछ ऐसा कि चाचा-भतीजे की हो गई मौत, परिवार में पसरा सन्नाटा

57 साल के राजेंद्र विश्वकर्मा खेती के साथ ई-रिक्शा चलाकर परिवार चलाते थे, दातून तोड़ते वक्त करंट की चपेट में आ गए और गिर पड़े। उनके 18 साल के भतीजे सनी विश्वकर्मा ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए।

less than 1 minute read
Google source verification
शराब के पैसों को लेकर विवाद (Photo source- Patrika)

शराब के पैसों को लेकर विवाद (Photo source- Patrika)

Prayagraj News: शुक्रवार सुबह नवाबगंज के कूड़ेसर गांव में एक दुखद हादसा हुआ, जिसमें चाचा-भतीजे की करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया कि वे नीम के पेड़ पर दातून तोड़ रहे थे, तभी बरसात में भीगे पेड़ के पास बिजली का करंट दौड़ने लगा।

खेती के साथ ई-रिक्शा चलाते थे राजेंद्र विश्वकर्मा

57 साल के राजेंद्र विश्वकर्मा खेती के साथ ई-रिक्शा चलाकर परिवार चलाते थे, दातून तोड़ते वक्त करंट की चपेट में आ गए और गिर पड़े। उनके 18 साल के भतीजे सनी विश्वकर्मा ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को तुरंत नजदीकी सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गांव में पसरा सन्नाटा

इस घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। मृतकों के परिवार में मातम छा गया है। राजेंद्र की पत्नी लालती देवी पूरी तरह टूट चुकी हैं। सनी के पिता संतोष विश्वकर्मा दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार ने ग्रामीण प्रशासन से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है क्योंकि राजेंद्र परिवार के मुखिया और कमाने वाले थे, जबकि सनी जवान था और उसका भविष्य बन रहा था।

उपखंड अधिकारी जेके यादव ने बताया कि यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हुआ है। जांच में पता चला है कि राजेंद्र ई-रिक्शा चार्ज कर रहे थे, तभी चार्जर में करंट आया और दोनों झुलस गए। प्रशासन इस मामले की जांच कर रहा है।