इलाहाबाद. उन्नाव हत्याकांड में इलाहाबाइ हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए गुरुवार को लंबी सुनवायी की। सुनवायी खुद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले की मौजूदगी वाली बेंच ने की। घटना केा लेकर वरिष्ठ वकील गोपाल चतुर्वेदी के पत्र पर जनहित याचिका स्वीकार करते हुए महाधिवक्ता को कोर्ट ने तलब किया था। महाधिवक्ता यानि सरकार के वकील ने कोर्ट के सामने जो बातें रखीं उसके बावजूद कोर्ट का रुख सख्त रहा। सुनवायी के दौरान कोर्ट सवाल किया कि जब पीड़िता ने खुद लिखित शिकायत की तो उसके बाद उसका अलग से बयान लेना जरूरी क्यों ? एसआईटी जांच में भी प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद भी पुलिस को बयान लेने की जरूरत क्यों पड़ी है। सवाल किया कि क्या सूबे में जितने भी ऐसे मुकदमे दर्ज होते हैं क्या पुलिस सब में यही प्रक्रिया अपनाती है। कोर्ट ने मामले की सुनवायी पूरी कर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है, जो 13 अप्रैल को सुनाया जाएगा। कोर्ट से बाहर आकर सरकार के वकील ने अपनी बातें कहीं जो वीडिो में हैं…