
यूपी बोर्ड परीक्षा 2018
इलाहाबाद. नकल के सहारे यूपी बोर्ड परीक्षा पास करने का सपना देखने वाले परीक्षार्थियों का सपना अब टूटता नजर आ रहा है। जिसका नजारा शनिवार को इलाहाबाद स्थित किसान इंटर काॅलेज परीक्षा केंद्र पर देखने को मिला। परीक्षा केंद्र पर शिक्षक परीक्षार्थियों का इंतजार करते रहे लेकिन एक भी छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यानि यूपी बोर्ड की ओर से आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में सख्ती के चलते नकल माफियाओं के हौंसले पस्त हो गए हैं। इलाहाबाद के सरायइनायत स्थित किसान इंटर कालेज में सुबह की पाली में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। सुबह की पाली में हाईस्कूल के पांच परीक्षार्थियों के संगीत गायन और इंटरमीडिएट के दो परीक्षार्थियों का गृह विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र का पेपर था। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के सात परीक्षार्थियों में से एक भी परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचा।
जिसे देख यहां तैनात केंद्र व्यवस्थापक, शिक्षक सहित अन्य कर्मचारी हैरान थे। परीक्षा में तैनात शिक्षकों के अनुसार अभी तक में ऐसा पहली बार देखने को मिला कि परीक्षा केंद्र पर एक भी परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचा। हालंाकि परीक्षा केंद्र पर तैनात शिक्षकों से लेकर सुरक्षाकर्मी तक पूरी ड्यूटी करने के बाद वहां से हटे। परीक्षा छोड़ने की मुख्य वजह सख्ती मानी जा रही है। नकल के सहारे परीक्षा पास करने का सपना देखने वाले ही परीक्षा छोड़ रहे हैं। जिन्होंने पढ़ाई की है। वो परीक्षा देने से नहीं कतरा रहे हैं।
2787 ने छोड़ी परीक्षा, 46 नकलची पकड़ाए
शनिवार सुबह की पाली में हाईस्कूल के संगीत गायन और इंटरमीडिएट के गृह विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र का पेपर था। प्रदेश में हाईस्कूल संगीत गायन के कुल 11823 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। वहीं इंटरमीडिएट गृह विज्ञान के लिए 351609 ने पंजीयन कराया था। शनिवार को पूरे प्रदेश में 2787 विद्यार्थियों ने यूपी बोर्ड परीक्षा छोड़ दी। इस दौरान 46 विद्यार्थियों को नकल करते पकड़ा गया। इसके साथ ही अब प्रदेश में परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या 1047406 हो गई है। वहीं अब तक कुल 414 नकलची पकड़े जा चुके हैं।
Published on:
11 Feb 2018 10:24 am
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