
इलाहाबाद. यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम की तैयारियां अपने अंतिम दौर में हैं। बोर्ड परिणाम आने से पहले उन हर पहलुओं पर काम करने में जुटा है। जिसमें बीते सालों में लगातार खामियां पाई गईं। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव बीते मंगलवार की रात दिल्ली पंहुच गई हैं। उनके साथ बोर्ड के गोपनीय विभाग के उपसचिव सहित कई कर्मचारी दिल्ली में हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के वाराणसी बरेली और गोरखपुर क्षेत्र कार्यालय के अपर सचिव दिल्ली बुला लिए गए हैं।
परीक्षा छोड़ने का बना रिकार्ड
सालों बाद यूपी बोर्ड का कलेवर भी सूबे की सरकार की तरह बदला है। नकल माफियाओं के कब्जे से बोर्ड की परीक्षाओं को दूर कराने और बोर्ड की गरिमा को वापस लाने में जुटी भाजपा की सरकार ने नये आयाम रचे हैं। तीसरी आंख की निगहबानी में जिस कदर परीक्षा केन्द्रों पर सख्ती से परीक्षा करवा कर बड़ा कीर्तिमान स्थापित करने का काम किया है। जिससे शिक्षा माफियाओं पर बड़ा असर पड़ा है। हाईस्कूल और बारहवीं की परीक्षा के लिए 66.37 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हुए जिसमें रिकॉर्ड 11लाख 17 हजार छात्रों ने बीच में ही छोड़ दी। इस कारण जितने बच्चों ने परीक्षा छोड़ दी वो Up Board 2018 के रिजल्ट में पहले ही फेल हो चुके हैं।
एशिया के सबसे बड़े बोर्ड पर देश भर की नजर
एशिया के सबसे बड़े बोर्ड, यूपी बोर्ड के परिणाम पर देश भर की नजरे लगी है, क्यों की यूपी बोर्ड की परीक्षा हर साल नकल को लेकर सुर्खियों में रहती रही है। जो इस बार अपनी सख्ती और कड़े नियमों के लिये जानी गई है। प्रदेश सरकार ने परीक्षा केंद्रों के ऑनलाइन निर्धारण केंद्रों और सीसीटीवी कैमरे की अनिवार्यता थी, जिसके चलते रिकॉर्ड छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी। अब तक में वर्तमान वर्ष में सबसे पहले 6 फरवरी को परीक्षा शुरू हुई, सबसे पहले परीक्षा परिणाम घोषित किए जा रहे हैं।
अब तक सबसे कम समय में घोषित हो रहा परिणाम
यूपी बोर्ड अपने पुराने सभी मानकों को तोड़ते हुए 2018 की बोर्ड परीक्षा में नए पैमाने स्थापित करने में लगा है। इसी के तहत हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परिणाम अब तक सबसे पहले आने जा रहा है। लगभग देखा गया है, कि मई जून के माह में रिजल्ट घोषित होता रहा है। इससे भी यह है ,कि परीक्षा शुरू होने और परिणाम का अंतर कम करने में बोर्ड प्रशासन सफल रहा है जिसे आगामी सत्र में और कम करने का दावा है।
कब-कब हुई है परीक्षाएं
2015 में 19 फरवरी को परीक्षा शुरू हुई थी, दोनों का रिजल्ट एक साथ 17 मई को घोषित किया था। इसके बाद 2016 में परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हुई और उसका परिणाम 15 मई को आया था। 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव के कारण परीक्षा से लेकर परिणाम को घोषित करने का शेड्यूल बिगड़ गया। परीक्षा 16 मार्च से शुरू हुई और परिणाम 8 जून को आया। सूबे योगी सरकार के सत्ता में आते ही बोर्ड की साख सुधारने पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया। पहली बार परीक्षाएं 6 फरवरी को शुरू कराई गईं।
by प्रसून पांडेय
Published on:
27 Apr 2018 02:26 pm
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