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UPPSC: सपा सरकार के खिलाफ भर्तियों की जांच करने आयोग में घुसी सीबीआई तो सपाईयों ने उठाया ये कदम

आयोग में आज भी सीबीआई जांच में जुटी
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प्रयागराज

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arun ranjan

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Updated: 2 Feb 2018, 6:06 PM IST

uppsc CBI inquiry

यूपीपीएससी की सीबीआई जांच

इलाहाबाद. समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में यूपी लोक सेवा आयोग की भर्तियों में हुई अनियमितता की जांच करने आज भी सीबीआई जुटी रही। आयोग में सीबीआई के घुसने की खबर के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रतियोगी छात्रों ने भी सीबीआई से शिकायत की। पिछली सरकार के खिलाफ चल रही इस जांच को देख आज सपाईयों ने भी सीबीआई को ज्ञापन सौंप अपनी शर्तें रखीं। जिसमें उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों सहित आयोग के गठन से लेकर अब तक हुई सभी भर्तियों की जांच बात कही।

सपा कार्यकाल अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 के दौरान हुई आयोग की भर्तियों में लगातार धांधली और घूसखोरी का आरोप लगता आ रहा है। ऐसे मंे संबंधित मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। मामला सीबीआई के हाथ पहुंचते ही सपा सरकार के दिग्गज नेता से लेकर आयोग के कई अधिकारी और कर्मचारियों के पसीने छूटे हुए हैं। ऐसे में आज इलाहाबाद विश्वविद्यालय के समाजवादी छात्रसभा एवं प्रतियोगी छात्र सीबीआई से मुलाकात करने पहुंचे। उन्होंने सीबीआई के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने 1990 से अब तक आयोग से निकली विभिन्न भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग की। ज्ञापन सौंपने आए छात्रसंघ नेताओं का कहना था कि यूपी लोक सेवा आयोग के गठन के समय से ही भर्तियों में धांधली, वित्तीय अनियमितता व प्रशासनिक अराजकता होती रही है। ऐसे में लोक सेवा आयोग की भर्तियों की व्यापक स्तर पर जांच होनी चाहिए। ताकि तमाम अनियमिता और फर्जी नियुक्तियों का खुलासा हो सके। उन्होंने आयोग की भर्तियों में पार्दर्शिता आरक्षण के नियमों की अनदेखी नहीं किए जाने की बात कही।

सपा छात्र नेताओं की मांग थी कि आयोग की सीबीआई जांच के दायरे को बढ़ा कर 1990 से अब तक हुई भर्तियों की जांच हो। इसके अलावा मंडल कमीशन की सिफारिशों के अनुसार आरक्षण नियमों की जांच किए जाने और प्रतिनिधित्व का विविरण भी उपलब्ध कराने की मांग की। ऐसे मंे सपा सरकार में धांधली का शिकार बताने वाले छात्रों का आरोप है कि इस तरह की मांग कर सीबीआई जांच को केवल प्रभावित करने का असफल प्रयास कर रहे हैं।