ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने 1990 से अब तक आयोग से निकली विभिन्न भर्तियों की सीबीआई जांच की मांग की। ज्ञापन सौंपने आए छात्रसंघ नेताओं का कहना था कि यूपी लोक सेवा आयोग के गठन के समय से ही भर्तियों में धांधली, वित्तीय अनियमितता व प्रशासनिक अराजकता होती रही है। ऐसे में लोक सेवा आयोग की भर्तियों की व्यापक स्तर पर जांच होनी चाहिए। ताकि तमाम अनियमिता और फर्जी नियुक्तियों का खुलासा हो सके। उन्होंने आयोग की भर्तियों में पार्दर्शिता आरक्षण के नियमों की अनदेखी नहीं किए जाने की बात कही।