
इलाहाबाद. वाराणसी के मण्डलायुक्त ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि वाराणसी सिटी से बाहर कैटिल कॉलोनी बनाने के लिए 9.6 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गयी है। हलफनामे में कहा गया कि छित्तूपुर एरिया में एक्सपर्ट कमेटी का अनुमोदन मिलने के बाद शीघ्र ही कैटिल कॉलोनी बना दी जायेगी और शहर के पशुओं को वहां स्थानान्तरित कर दिया जायेगा।
इस आशय का हलफनामा मण्डलायुक्त की तरफ से वाराणसी के विजय कुमार चैधरी द्वारा दायर जनहित याचिका में सुनवाई के दौरान दिया गया। कोर्ट में पिछले आदेश में मंडलायुक्त को निर्देश दिया था कि वह वाराणसी के विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, डीएम, नगर आयुक्त व आवास विकास के संबंधित अधिकारियों की मीटिंग कर वाराणसी शहर से बाहर कैटिल कालोनी के लिए शीघ्रातिशीघ्र भूमि आवंटित करें ताकि शहर के पशुओं को वहां शिफ्ट किया जा सके।
मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ के समक्ष सरकार की तरफ से अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रामानंद पाण्डेय ने बताया कि फिलहाल जिला प्रशासन ने 9.6 एकड़ जमीन छित्तूपुर एरिया में कैटिल कॉलोनी के लिए विकसित कर रही है तथा शेष और जमीन की तलाश जारी है ताकि शहर के डेयरियों को बाहर शिफ्ट किया जा सके।
कोर्ट ने इस केस की सुनवाई को चार हफ्ते बाद करने का निर्देश देते हुए कमिश्नर और जिला प्रशासन से फिर हलफनामा मांगा है कि वह विस्तार से बतायें कि किस प्रकार से कैटिल कॉलोनी में पशुओं को शिफ्ट करने की उनकी कार्ययोजना है। कोर्ट ने शहर से डेयरियों को भी शिफ्ट करने को कहा है और इस संबंध में भी प्रशासन से विस्तृत हलफनामा कार्ययोजना के साथ मांगा है। कोर्ट इस याचिका पर चार सप्ताह बाद सुनवाई करेगी।