13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बनारस में डेयरी शहर से बाहर ले जाने और सड़कों पर छुट्टा पशुओं का मामला हाईकोर्ट में

कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि ऐसी ही एक अन्य याचिका पर 2016 में कोर्ट ने मुख्य सचिव से जो हलफनामा मांगा था वह दाखिल हुआ क्या।

less than 1 minute read
Google source verification
Cave Animal

आवारा पशु

इलाहाबाद. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने वाराणसी में शहर से डेयरी बाहर ले जाने व सड़कों पर छुट्टा जानवरों से हो रही दुर्घटनाओं को लेकर दाखिल याचिका को 21 मार्च को पेश करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि ऐसी ही एक अन्य याचिका पर 2016 में कोर्ट ने मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा था, क्या हलफनामा दाखिल हुआ। कोर्ट ने दोनों याचिकाओं को एक साथ सुनवाई हेतु पेश करने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि आदेश न मानना अवमानना की श्रेणी में आता है।

शहरों से पशु डेयरी बाहर शिफ्ट करने का समाधान किया जाना चाहिए। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.बी. भोसले तथा न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की खण्डपीठ ने विनय कुमार चैधरी की जनहित याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता रंजीत सक्सेना का कहना था कि सरकार ने डेयरी को शहर से बाहर करने का शासनादेश जारी किया है, किन्तु उस पर कार्यवाही नहीं की जा रही है। कोर्ट का कहना है कि सरकार को प्लान तैयार करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने भी आदेश दिया है, जिस पर अमल किया जाना चाहिए।

By Court Correspondence