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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए यूपी के चार जिलों में शुरू होगा वैदिक पेंट का प्लांट

उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग जल्द ही चार जिलों में वैदिक पेंट का प्लांट लगाएगी। वाराणसी मंडल के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक डीएस भाटी ने बताया कि पायलट परियोजना के तहत जयपुर के सांगानेर में दो तरह के उत्पादों-डिस्टेंपर और व्हाइट पेंट का निर्माण किया जा रहा है।

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Vedic Paint Plant Will be Started in Four Districts of Uttar Pradesh

Vedic Paint Plant Will be Started in Four Districts of Uttar Pradesh

प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग जल्द ही चार जिलों में वैदिक पेंट का प्लांट लगाएगी। वाराणसी मंडल के खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक डीएस भाटी ने बताया कि पायलट परियोजना के तहत जयपुर के सांगानेर में दो तरह के उत्पादों-डिस्टेंपर और व्हाइट पेंट का निर्माण किया जा रहा है। अगले साल की शुरुआत में इन इकाइयों से इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, वाराणसी, बलिया और मेरठ के पंजोखरा में वैदिक पेंट की इकाई लगाएगा।

वैदिक पेंट की इकाई स्थापित करने में कम से कम 25-30 लाख रुपये के निवेश की जरूरत पड़ती है, जो कि इकाई के आकार पर निर्भर करता है। इकाई लगने पर 25 से 30 प्रतिशत अनुदान सरकार की तरफ से दिया जाता है।

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वैदिक पेंट में केमिकल नहीं होता

माघ मेले में खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की प्रदर्शनी का निरीक्षण करने आए डीएस भाटी ने कहा कि वैदिक पेंट में केमिकल नहीं होता, यह नैसर्गिक पेंट है। यह उतना ही टिकाऊ है जितना बाजार में उपलब्ध पेंट, जबकि इसकी कीमत बाजार के केमिकल पेंट से भी काफी कम है। भाटी ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा वैदिक पेंट को अन्य रंगों में भी उपलब्ध कराने पर अनुसंधान किया जा रहा है। यह बहुत जल्द विभिन्न रंगों में बाजार में उपलब्ध होगा।