
विहिप के दुर्गा वाहिनी के प्रशिक्षण शिविर में जुटी महिलाएं ,कहा पश्चिमी देशों की संस्कृति से बचने की जरूरत
प्रयागरज| माघ मेले में विश्व हिंदू परिषद के शिविर में काशी प्रांत दुर्गा वाहिनी के प्रशिक्षण शिविर में परिषद के केंद्रीय मंत्री अशोक तिवारी में दुर्गा वाहिनी कि कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा है कि समाज में टूटते हुए परिवारों को जोड़ने की जिम्मेदारी मात्र शक्तियों की है ।पूरी दुनिया में हमारी संस्कृति का आधार मातृशक्ति रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों का प्रभाव होने के कारण हमारी संस्कृति पर बुरे प्रभाव पड़े हैं। वहां पर नारी स्वतंत्रता का अर्थ बिल्कुल विपरीत है ।जबकि हमारे परिवेश में माताओं को बच्चों की प्रथम शिक्षिका कहा गया है।
आलोक जी ने मातृशक्तिको संबोधित करते हुए कहा कि माताओं बहनों की जिम्मेदारी है कि समाज की कुरीतियों के प्रति माताओं बहनों बच्चियों को जागृत करें अपनी श्रेष्ठ संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में सहयोग करें इससे हमारी संस्कृति की रक्षा होगी । समाज में अनेक कुरीतियां स्वयं ही समाप्त हो जाएंगी ।समाज में टूटे हुए परिवारों को जोड़ा जा सकेगा। समाज के निर्माण में महिलाओं का योगदान सबसे अधिक है। महिला ही बच्चे की पहली शिक्षिका है यानी परिवार की पहली शिक्षिका महिला ही है मां के सिखाए संस्कार बच्चों को गौरवान्वित करते हैं।
वहीं क्षेत्र संगठन मंत्री अम्बरीश सिंह ने कहा कि अन्य धर्मों की अपेक्षा हिंदू समाज में माताओं बहनों को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। हमारे यहां कन्या पूजन परंपराओं का हिस्सा है मातृशक्ति को देवी के रूप में पूजा जाता है अन्य धर्मों में आज महिलाएं अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रही हैं ।जबकि हिंदू समाज में सारे निर्णय मातृशक्ति की भूमिका पर निर्भर होते हैं।
Published on:
07 Feb 2020 10:56 pm
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