
प्रयागवासी को जल्द मिलेगी बाढ़ से राहत, थमने लगा जलस्तर, खतरे के निशान से अभी भी ऊपर गंगा-यमुना,प्रयागवासी को जल्द मिलेगी बाढ़ से राहत, थमने लगा जलस्तर, खतरे के निशान से अभी भी ऊपर गंगा-यमुना
प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज जिला में बाढ़ से जल्द राहत मिलेगी। सोमवार की सुबह से जलस्तर में बढ़ोत्तरी में भारी कमी देखी जा रही है। लेकिन अभी भी दोनों नदिया खतरे के निशान से एक सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। गंगा-यमुना के तटीय इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से हाहाकार मचा है। हजारों परिवार बाढ़ राहत शिविर में रहने को मजबूर हो गया है। इसके अलावा 128 से अधिक गांवों में नाव चलने लगी है।
यहां से छोड़े गए पानी
मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और कानपुर बैराज बांध से आ रहे पानी से गंगा-यमुना उफान पर है। बाढ़ के पानी से तीन दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूट गया है और 128 से अधिक गांव बाढ़ के चपेट से आ गए हैं। शहरी इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से लगभग साढ़े तीन लाख परिवार बाढ़ शिविर में ठिकाना बना लिया है। बाढ़ की विकराल स्थिति देखते हुए जिला प्रशासन ने 100 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है और 15 राहत शिविर को सक्रिय किया है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए एनडीआरएफ के जवानों की तैनाती कर दी गई है। बाढ़ में फसे लोगों को नाव और स्टीमर से बाढ़ शिविर सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है।
इस रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर
प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। 29 अगस्त को सुबह से ही दोनों नदियों में जलस्तर की बढ़ोत्तरी में कमी आई है। गंगा-यमुना खतरे के निशान पार कर बह रही हैं। 4 बजे तक गंगा का जलस्तर 85.91 मीटर व यमुना जा जलस्तर 85.89 मीटर रिकॉर्ड किया गया है। जिले में खतरे का निशान 84.73 मीटर पर हैं। जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए जानकारी दी है कि नदियों का जलस्तर अभी में बढ़ोत्तरी होगी।
इन जगहों से आ रहा है गंगा-यमुना में पानी
प्रयागराज जिलाधिकारी संजय खत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को यमुना का पानी स्थिर है और दोपहर 12 बजे तक गंगा भी स्थिर है। लेकिन रविवार को छोड़े गए पानी से गंगा फिर उफान पर होगी। हरिद्वार बैराज बांध से 38,448 क्यूंसेट, नरेगा बांध से 28,701, कानपुर बैराज बांध से 1,28,396 क्यूसेट पानी छोड़ा गया है। जिसका असर गंगा में सोमवार को शाम तक दिखाई पड़ेगा।
एनडीआरएफ और पुलिस की टीम तैनात
जलस्तर में बढ़ोत्तरी को देखते हुए कई इलाकों में एनडीआरएफ और पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। शहर के 42 इलाके और 128 गांव बाढ़ के चपेट में आ गए हैं। बाढ़ में फसे लोगों को बाढ़ शिविर में ठिकाना बना लिया है। पुलिस बल और एनडीआरएफ के जवानों द्वारा पानी में फसे लोगों को घर से सुरक्षित जगह पहुंचाने का सिलसिला जारी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 270 नावों और 23 स्टीमर संचालित की जा रही हैं।
मदद के लिए लोग आए आगे
बाढ़ क्षेत्रों में जिला प्रशासन के साथ ही कई समाजसेवी की तरफ से लोगों को खाद्य सामग्री वितरण करने का सिलसिला जारी है। फाफामऊ, गंगा नगर बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में नाव से समाजसेवी निर्दोष सिंह लगातार लोगों खाद्य सामग्री वितरित कर रहे हैं।
Published on:
29 Aug 2022 06:37 pm
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