जनसत्ता दल पार्टी की जीत के बाद पार्टी प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सपा को लेकर एक फिर से निशाना साधा है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रतापगढ़ सीट से सत्ताधारी पार्टी ने चुनाव लड़ा लेकिन बड़े-बड़े राजनीतिक पार्टी जो मैदान में उतरे थे लड़ने के लिए, वह मुहं की खाई। जनसत्ता दल को जनता का प्यार और आशीर्वाद निरंतर मिल रहा है।
प्रयागराज: प्रतापगढ़ एमएलसी सीट पर एक फिर से राजा भैया के करीबी अक्षय प्रताप सिंह का कब्जा बना रहा। लगातार तीसरी बार अक्षय प्रताप सिंह ने विधान परिषद सदस्य निर्वाचित हुए हैं। सत्ताधारी पार्टी ने भी पूरी ताकत झोंक देने के बावजूद फिर से जनसत्ता दल पार्टी से उम्मीदवार रहे अक्षय प्रताप ने बाजी मार ली। जनसत्ता दल पार्टी की जीत के बाद पार्टी प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने सपा को लेकर एक फिर से निशाना साधा है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रतापगढ़ सीट से सत्ताधारी पार्टी ने चुनाव लड़ा लेकिन बड़े-बड़े राजनीतिक पार्टी जो मैदान में उतरे थे लड़ने के लिए, वह मुहं की खाई। जनसत्ता दल को जनता का प्यार और आशीर्वाद निरंतर मिल रहा है।
बहुत से लोगों की गलतफहमी हो रही है दूर
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी प्रमुख राजा भैया ने कहा कि जनसत्ता दल के साथ लोगों का प्यार लगातार बन रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद एमएलसी चुनाव में भी प्यार और आशीर्वाद मिला है। प्रतापगढ़ की जनता और प्रदेश में भी पार्टी का उदय हो रहा है। अब जनसत्ता दल पार्टी को लेकर बहुत से लोगों की गलतफहमी दूर हो रही है, यही हम चाहते थे।
राजा भैया के करीबी है अक्षय
कुंडा विधायक राजा भैया के करीबी है अक्षय प्रताप सिंह। वह वर्ष 1998 में विधान परिषद सदस्य का चुनाव लड़ा था और जीता था। इसके बाद 2003 में वह निर्दलीय एमएलसी निर्वाचित हुए थे। इसके बाद 2010 में और 2016 में वह समाजवादी पार्टी के घोषित प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे और एमएलसी निर्वाचित हुए। अब पहली बार ऐसा रहा कि वह राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी से चुनाव लड़ा और फिर से जीत दर्ज की।
विजयी अक्षय प्रताप सिंह को विधान परिषद के नवनिर्वाचित सदस्य को जीत का प्रमाण पत्र प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी डाक्टर नितिन बंसल ने प्रदान किया। इस मौके पर जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया समेत उनकी पार्टी के पदाधिकारी और समर्थक भी मौजूद रहे।