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Atiq Murder: जानिए क्या है प्वॉइंट ब्लैंक रेंज तकनीक? जिससे एक झटके में ही ढेर हुआ अतीक

Point Blank Range: क्या है यह प्वॉइंट ब्लैंक रेंज तकनीक जिससे हुई थी अतीक अहमद की हत्या? जानें क्या है यह खास तकनीक?

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Point Blank Range

अतीक अहमद मर्डर में प्वॉइंट ब्लैंक रेंज तकनीक

Point Blank Range: माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की शनिवार देर रात प्रयागराज के मेडिकल चौराहे के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों भाइयों का मर्डर प्वॉइंट ब्लैंक रेंज से हुआ था। अतीक और उसके भाई की हत्या करने वाले तीनों शूटरों (लवलेश तिवारी, सनी सिंह और अरुण कुमार मौर्य) पत्रकार के वेश में आए और पुलिस की मौजूदगी में अतीक और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीनों शूटरों ने विदेशी पिस्टल, जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया था जो भारत में बैन है। आइए, जानते हैं आखिर प्वॉइंट ब्लैंक रेंज क्या है जिससे अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या हुई।

बुलेट कैसे काम करती है?
साधारण तौर पर लोगों को ऐसा लगता है कि अधिक हॉरिजॉन्टल वेलोसिटी के कारण बुलेट हमेशा सीधे जाती है लेकिन असलियत यह नहीं है। दरअसल, जब बुलेट गन से फायर होती है तब वह धरती के गुरुत्वाकर्षण बाल और हवा के घर्षण से हल्की नीचे की ओर गिरने लगती है। ऐसे में शूटर्स अपने टारगेट पर जब निशाना साधते हैं तो वह अपने टारगेट से थोड़ा ऊपर साध कर फायर करते हैं ताकि वह आगे जाने के बाद सही जगह पर लग सके।

क्या है प्वॉइंट ब्लैंक रेंज (Point Blank Range)?
बता दें कि प्वॉइंट ब्लैंक शब्द एक फ्रांसीसी शब्द है जिसका अर्थ होता है पॉइंट ए ब्लैंक। ऐसा मानना है कि ब्लैंक शब्द का प्रयोग शूटिंग टारगेट में एक छोटे सफेद स्पॉट के लिए किया जा सकता है जो पहले शूटिंग टारगेटिंग में प्रयोग किया जाता था। सरल और साफ भाषा में प्वॉइंट ब्लैंक रेंज का मतलब समझें तो किसी भी शूटिंग टारगेट को बेहद करीब से गोली मारने को प्वॉइंट ब्लैंक रेंज कहा जाता है। इस स्थिति में शूटर अपने टारगेट के बेहद नजदीक मौजूद होता है। एक्स्पर्ट्स के अनुसार, अगर इस तकनीक से किसी भी टारगेट पर फायर किया जाता है तो उसके बचने की उम्मीद न के बराबर होती है।

5 से 6 लाख रुपए है गन के दाम
माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को शूटरों ने इसी तकनीक से मारा था। शूटर ने अतीक के कनपट्टी के पास गन लगा कर फायर किया था जिसके बाद अतीक की मौत हो गई। अतीक अहमद और उसके भाई की हत्या के लिए तुर्की की जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। यह पिस्टल भारत में बैन है और इसकी कीमत करीब 5 से 6 लाख रुपए है।