सन 1888 से 1889 तक रूडयार्ड इलाहाबाद में एक अग्रेजी अखबार में एडिटर थे। रूडयार्ड के आवास के करीब 20 कदम की दूरी पर उनका आॅफिस था। कीपलिंग जिस अंग्रेजी अखबार से कार्यरत थे उसे ब्रिटिश अखबार के रूप में जाना जाता था। यह अखबार केवल ब्रिटिश सरकार की भाषा ही लिखता व समझता था। इससे देश के आंदोलनकारियों में इस अखबार के प्रति काफी रोष था। उस संस्था से जुड़े लोगों के अनुसार एक बार महात्मां गांधी ट्रेन से कहीं जा रहे थे। उन्हें इलाहाबाद में ट्रेन बदलनी थी। ट्रेन लेट होने के कारण महात्मां गांधी रूडयार्ड से मिलने उनके आफिस पहुंच गए।