
ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों से पहले तेल सस्ता (फोटो सोर्स- Aljazeera)
Iran US War: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। एशियाई बाजारों में कारोबार की शुरुआत होते ही ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी तेल दोनों 1 प्रतिशत से ज्यादा नीचे गिर गए। तेल के दाम गिरने की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की ओर से ईरान पर लगने जा रहे नए और कड़े आर्थिक प्रतिबंध हैं, जिनका ऐलान जल्द होने वाला है।
कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड गिरकर 93.45 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी क्रूड 86.14 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान के लिए 'आर्थिक झटका' (डी-डे) आने वाला है। वहीं अमेरिका में होने वाली एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन नए प्रतिबंधों के पूरे खाके को सार्वजनिक किया जाएगा।
अमेरिका के पूर्व रक्षा विशेषज्ञ माइकल मुलरॉय ने बताया कि ये प्रतिबंध सिर्फ ईरान तक सीमित न रहकर 'सेकेंडरी सैंक्शंस' के रूप में लागू होंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि जो भी देश, बैंक या संस्थान ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर भी अमेरिका पाबंदी लगा देगा। इसमें चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और बैंक शामिल हैं जो तेहरान के मनी ट्रांसफर्स को प्रोसेस करते हैं। इसके अलावा अमेरिका उस गुप्त जहाजी बेड़े यानी 'शैडो फ्लीट' को भी ध्वस्त करने की तैयारी में है, जिसके जरिए ईरान पाबंदियों के बावजूद चोरी-छिपे तेल का निर्यात करता है।
मुलरॉय का मानना है कि अमेरिका में आने वाले मिडटर्म चुनावों को देखते हुए सीधे कोई जंग या मिलिट्री एक्शन नहीं चाहती, क्योंकि वहां की जनता युद्ध के पक्ष में नहीं है। हालांकि, इन कड़े आर्थिक कदमों से ईरान की सरकार और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) तक पहुंचने वाली फंडिंग पूरी तरह ठप हो जाएगी। विशेषज्ञ यह चेतावनी भी दे रहे हैं कि अगर ईरान ने इसके जवाब में किसी अमेरिकी ठिकाने या उसके क्षेत्रीय सहयोगी को निशाना बनाया, तो यह आर्थिक गतिरोध सीधे सैन्य संघर्ष तक भी पहुंच सकता है।
दूसरी तरफ मध्य गाजा के दीर अल-बलाह स्थित अल-अक्सा अस्पताल के पास विस्थापित नागरिकों के लिए लगाए गए टेंट पर इजरायली हवाई हमला हुआ है। चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक, इस हवाई हमले में दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इससे पहले मध्य गाजा के ही मगाजी शरणार्थी शिविर के दक्षिणी इलाके में भी भारी तोपखाने से गोलाबारी की खबरें सामने आई थी।
Updated on:
24 Aug 2026 07:41 am
Published on:
24 Aug 2026 07:38 am
