
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (फोटो सोर्स- ANI)
Donald Trump: अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद एक बार फिर गहरा गया है। वाशिंगटन ने साफ कर दिया है कि वह तेहरान को झुकाने के लिए आर्थिक मोर्चे पर कोई ढील नहीं देने वाला है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस रणनीति को एक 'नाजुक संतुलन' बताते हुए माना है कि ईरान पर बनाया जा रहा आर्थिक दबाव ही उसे बातचीत तक लाने का सबसे असरदार जरिया है। हालांकि, वेंस ने यह भी माना है कि इस कदम से उठने वाली आर्थिक लहरें अमेरिका को भी प्रभावित कर सकती हैं।
जेडी वेंस के अनुसार, अमेरिका की ओर से शिकंजा कसने के बाद ईरान भी पलटवार की कोशिश में है। हाल के दिनों में क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतों में आई उछाल का सीधा असर आम जनता पर पेट्रोल पंपों पर देखने को मिल रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर गतिरोध बना हुआ है। अमेरिकी प्रशासन का ध्यान इस बात पर है कि ऊर्जा संकट को बढ़ने से रोका जाए और पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई बनी रहे, ताकि अमेरिकी नागरिकों को बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सकें। इसके अलावा, कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी तेहरान पर रणनीतिक दबाव बनाया जा रहा है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का मुख्य लक्ष्य जमीन पर ऐसे हालात पैदा करना है, जिससे ईरान अपनी परमाणु ताकत को बढ़ा ना सकें। अमेरिका चाहता है कि तेहरान के परमाणु ठिकाने न केवल अप्रभावी रहें, बल्कि वह भविष्य में भी उन्हें दोबारा खड़ा करने की हिम्मत न जुटा पाए।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त आर्थिक कार्रवाई की घोषणा कर दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि उन्होंने ईरान को समझौते का पूरा मौका दिया था, लेकिन तेहरान इसमें विफल रहा। इसके बाद अमेरिका ने ईरान के तेल तस्करी, मनी ट्रांसफर, फर्जी कंपनियों और समुद्री जहाजों की रजिस्ट्रियों पर पूरी तरह से रोक लगाने का फैसला किया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान का साथ देगा, उसे भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
अमेरिका के इस कड़े रुख पर तेहरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन पाबंदियों को 'आर्थिक आतंकवाद' और 'मानवता के खिलाफ अपराध' बताया है।
ईरान का कहना है कि ये पाबंदियां अमेरिकी नीतियों की 73 साल पुरानी दुश्मनी की मानसिकता का प्रमाण हैं। तेहरान ने साफ किया है कि इस तरह के कड़े कदम उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता और रक्षा के संकल्प को हिला नहीं सकते। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर निशाना साधते हुए कहा कि यह अमेरिका का अपने आंतरिक आर्थिक संकट और बढ़ते कर्ज से ध्यान भटकाने का एक विफल प्रयास है।
ट्रंप प्रशासन ने हिज्बुल्लाह पर नए प्रतिबंध लगाए हैं और उसे फिर से ईरान का प्रॉक्सी समूह घोषित किया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 10 लोगों पर भी कार्रवाई की है, जिन पर हिज्बुल्लाह तक नकदी पहुंचाने वाले नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप है। विभाग के अनुसार, यह नेटवर्क लेबनान, तुर्किये, यूएई और ईरान के बीच कमर्शियल फ्लाइट्स से यात्रा करने वाले कूरियरों के जरिए बड़ी रकम एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था।
Updated on:
21 Aug 2026 07:46 am
Published on:
21 Aug 2026 07:38 am
