
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला (फाइल फोटो)
Strait of Hormuz: दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई का सबसे मुख्य केंद्र माने जाने वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के समुद्री रास्ते से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज को अचानक निशाना बनाया गया है। इस हमले के बाद पूरे मिडल ईस्ट में हड़कंप मच गया है। वहीं दूसरी ओर गाजा में लाखों बेघर फिलिस्तीनी भुखमरी और जर्जर टेंटों के सहारे ठंड का सामना करने को मजबूर हैं।
ब्रिटेन की समुद्री व्यापार एजेंसी (UKMTO) के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बाहर की ओर बढ़ रहा था। कंपनी के सुरक्षा अधिकारी ने पुष्टि की है कि जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से सीधा प्रहार किया गया। हमला इतना भीषण था कि धमाके के साथ जहाज के इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा है।
इस हमले में क्रू का एक सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया है। हालांकि, घटना की जानकारी मिलते ही ओमानी तटरक्षक बल तुरंत मौके पर पहुंचा और बाकी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित मदद पहुंचाई। प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र में किसी भी तरह के तेल रिसाव या पर्यावरण नुकसान की खबर नहीं है।
UKMTO और स्थानीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं। क्षेत्र से गुजरने वाले सभी व्यापारिक जहाजों को सावधान रहने और किसी भी संदिग्ध हलचल की तुरंत सूचना देने को कहा है।
गाजा में विस्थापित हुए 21.5 लाख से अधिक लोग बेहद खराब परिस्थितियों में जीवन बिताने को मजबूर हैं। गाजा सरकार के मीडिया कार्यालय के अनुसार, इनमें से 8,67,000 से ज्यादा लोग ऐसे जर्जर और अस्थायी टेंटों में रह रहे हैं, जो अब बिल्कुल भी रहने लायक नहीं बचे हैं।
सर्दी का मौसम नजदीक आते ही विस्थापितों पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। खराब हो चुके इन टेंटों में रहने वालों में 5 लाख से अधिक बच्चे भी शामिल हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की गई है। इजरायली अधिकारियों पर दबाव बनाने की अपील की गई है ताकि मौसमरोधी टेंट, क्रेन, इंसुलेशन और अन्य आश्रय सामग्री को गाजा में तुरंत प्रवेश दिया जा सके।
मीडिया कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि हालात अब सहनशीलता की सीमा पार कर चुके हैं। क्षेत्र से मलबा हटाने, तबाह हुए बुनियादी ढांचे के पुनर्वास और सबसे प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
सहायता एजेंसियां भी लगातार बिगड़ते हालात पर चेतावनी जारी कर रही हैं। जारी सैन्य अभियानों के कारण गाजा की बड़ी आबादी को भोजन, साफ पानी और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की भीषण किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।
आंकड़ों के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2023 से जारी सैन्य अभियानों में गाजा पट्टी का लगभग 90 प्रतिशत नागरिक बुनियादी ढांचा पूरी तरह नष्ट हो चुका है। संयुक्त राष्ट्र का अनुमान है कि इस तबाही के बाद गाजा के पुनर्निर्माण में लगभग 70 अरब डॉलर का खर्च आएगा।
Updated on:
18 Aug 2026 10:23 am
Published on:
18 Aug 2026 10:16 am
