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‘हमें केवल कुछ दिनों का विराम नहीं, युद्ध का पूर्ण अंत चाहिए’, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बयान

Iran Foreign Minister: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि ईरान को कुछ दिनों की शांति या युद्धविराम नहीं चाहिए, बल्कि वह इस लड़ाई का हमेशा के लिए अंत चाहता है। पढ़ें पूरी खबर...
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भारत

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Pratiksha Gupta

Aug 19, 2026

Tehran Ceasefire Statement, Masoud Pezeshkian

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची (फोटो सोर्स- IANS)

Tehran Ceasefire: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी अस्थायी शांति के पक्ष में नहीं है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कहा कि राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के नेतृत्व में उनका देश युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने के पक्ष में है, न कि कुछ समय के विराम का। अराघची ने बताया कि ईरान की नई विदेश नीति में पड़ोसी देशों के साथ तनाव कम करने और रिश्ते बेहतर करने को सबसे ज्यादा अहमीयत दी जाती है।

'अस्थायी युद्धविराम मंजूर नहीं, युद्ध को अंत चाहते हैं'

ईरान के एक टीवी चैनल से बातचीत में विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि जब 12 दिनों की जंग का शुरुआती दौर चल रहा था, तब कई जगह से युद्धविराम के प्रस्ताव आए थे, लेकिन ईरान ने उसे मानने से इनकार कर दिया था। अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान युद्धविराम नहीं, बल्कि युद्ध का अंत चाहता है। उनका मानना है कि यदि संघर्ष कुछ समय के लिए रुककर बार-बार दोबारा शुरू होता रहा, तो यह बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है, जिसे ईरान अपने देश में बार-बार नहीं होने देना चाहता।

पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते सुधारने पर जोर

ईरान के विदेश मंत्री ने देश की नई कूटनीतिक रणनीति पर बात करते हुए बताया कि राष्ट्रपति पेजेशकियन की सरकार में सबसे पहला काम अपने पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देना है। उन्होंने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य हर पड़ोसी देश के साथ किसी भी प्रकार के तनाव को समाप्त करना है। इसके लिए ईरान 'प्रांतीय कूटनीति' और व्यापक पड़ोसी संपर्क के मॉडल को अपना रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर बातचीत और तालमेल को मजबूत किया जा सकें।

बातचीत से निकलता है हल, संकट में पड़ोसियों ने दिया साथ

अराघची ने अजरबैजान के राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत का उदाहरण देते हुए कहा कि बातचीत के जरिए वे नतीजे हासिल किए जा सकते हैं, जो लड़ाई या बाहरी हस्तक्षेप से कभी संभव नहीं हैं। इसके अलावा, उन्होंने मुश्किल समय में मदद करने वाले पड़ोसी देशों का भी आभार जताया। संकट के दौरान पड़ोसी देशों ने दवाइयों और आवश्यक सामान की आपूर्ति की, फंसे हुए ईरानियों को अपने क्षेत्र के रास्ते सुरक्षित लौटने का रास्ता दिया और ईरानी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोला, जिससे क्षेत्रीय एकजुटता की अहमियत साबित होती है।