
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो। (Photo- ANI)
US sanctions ICC president and senior trial lawyer: अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ICC की अध्यक्ष टोमोको अकाने और वरिष्ठ ट्रायल वकील अबुदौले सेये पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिका ने दोनों अधिकारियों पर ICC के अधिकारों का दुरुपयोग करने और देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता को खतरे में डालने का आरोप लगाया है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्थानीय समयानुसार मंगलवार को एक प्रेस बयान जारी कर इस कार्रवाई की जानकारी दी। बयान के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने यह कदम ICC के राजनीतिकरण और उसकी गैर-जवाबदेही के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उठाया है। अमेरिका ने ICC को एक भ्रष्ट और गंभीर रूप से राजनीतिकरण किया गया अंतरराष्ट्रीय न्यायालय बताया है। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि ICC ने अपने अधिकारों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया।
ट्रंप प्रशासन ने कहा कि वह देशों की संप्रभुता पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के कथित हमले को स्वीकार नहीं करेगा। अमेरिका का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ऐसे अधिकारियों की जांच, गिरफ्तारी, हिरासत या मुकदमा चलाने की कोशिशों में शामिल रहा है, जिनकी सरकारों ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार नहीं किया है।
अमेरिका ने कहा कि दोनों अधिकारियों पर प्रतिबंध कार्यकारी आदेश 14203 के तहत लगाए गए हैं। इस आदेश का शीर्षक 'अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय पर प्रतिबंध लगाना' है। अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, टोमोको अकाने और अबुदौले सेये सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की उन कार्रवाइयों में शामिल रहे हैं, जिनका उद्देश्य ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करना था, जिनकी सरकारों ने ICC के अधिकार क्षेत्र के लिए सहमति नहीं दी है।
अमेरिका ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने कई बार अमेरिका और दूसरे देशों के नागरिकों पर अपना अधिकार क्षेत्र लागू करने की कोशिश की है। अमेरिका का कहना है कि इन देशों ने न तो ICC के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार किया है और न ही रोम स्टैच्यूट की पुष्टि की है। अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की ऐसी कार्रवाई दुनिया के दूसरे देशों के लिए एक खतरनाक मिसाल बनाती है।
ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के खिलाफ अपना कूटनीतिक अभियान जारी रखेगा। अमेरिका ने दूसरे देशों से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। उसने देशों सेअंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के लिए अपनी फंडिंग और भागीदारी खत्म करने को कहा है। अमेरिकी बयान में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय से पैदा होने वाले राष्ट्रीय संप्रभुता के खतरे को खत्म करने के लिए अमेरिका का अभियान व्यापक होगा।
ट्रंप प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के खिलाफ आगे और कदम उठाए जा सकते हैं। अमेरिका का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की अमेरिकी नागरिकों और दूसरे गैर-सदस्य देशों के नागरिकों को निशाना बनाने की क्षमता खत्म होनी चाहिए। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने को तैयार है, ताकि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय अमेरिकी संप्रभुता को खतरे में डालने में सक्षम न रहे।
Updated on:
19 Aug 2026 08:20 am
Published on:
19 Aug 2026 08:20 am
