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प्रयागराज के नारीबारी स्थित मां शारदा हॉस्पिटल में गलत इलाज के कारण 32 वर्षीय प्रिया तिवारी की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव अस्पताल के बाहर रखकर जमकर हंगामा किया। प्रिया तिवारी का विवाह भगेसर निवासी धर्मेंद्र तिवारी से हुआ था। उनका मायका खीरी थाना क्षेत्र के डीहार गांव में है। 26 अगस्त को बुखार होने पर प्रिया को मां शारदा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद 2 सितंबर को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
परिजनों का कहना है कि घर पहुंचते ही प्रिया की तबीयत बिगड़ गई। जब उन्हें फिर से अस्पताल ले जाया गया तो अस्पताल ने कोई इलाज नहीं किया और एंबुलेंस से प्रयागराज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने प्रिया की मृत्यु की सूचना दी। मृतका की तीन बेटियां हैं भैरवी , ध्यानवी और ज्ञानवी साल की। महिला की मौत से उसके पति, पिता, भाई-बहन और परिवारजन गहरे सदमे में हैं। परिजन अस्पताल के बाहर शव रखकर विरोध जताने लगे। सूचना मिलने पर एसीपी बारा कुंजलता, थानाध्यक्ष यशपाल सिंह और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने में लगे।
हॉस्पिटल संचालक ने तीनों बच्चियों के भविष्य के लिए मुआवजा देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन घर लौटे। बुधवार को प्रिया तिवारी का अंतिम संस्कार ससुराल भगेसर में किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि 24 मई को एनीमिया मरीज का पथरी ऑपरेशन करने से मौत के बाद सीएमओ के आदेश पर हॉस्पिटल सील कर दिया गया था। बावजूद इसके हॉस्पिटल तीसरे दिन से फिर से चल रहा था। लोग लगातार गलत इलाज और मरीजों की मौत की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। डीएम ने घटना की जानकारी मिलने पर सीएमओ को जांच टीम गठित करने का निर्देश दिया है।
Updated on:
4 Sep 2025, 8:13 PM IST
Published on:
4 Sep 2025, 8:13 PM IST
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