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(मुंबई,पुणे): हाल ही में कई आरोपों को लेकर जबरन रिटायर किए गए सरकारी कर्मचारी दिलीप सोनवणे ने शुक्रवार को मंत्रालय में जहर पीकर खुदकुशी का प्रयास किया। गौरतलब है कि दिलीप सोनवणे मंत्रालय में उद्योग, कामगार और ऊर्जा विभाग में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। उनके ऊपर स्टेशनरी, पंखे जैसे सरकारी सामान बेचने, बार-बार गैर हाजिर का आरोप लगा था। जिसे लेकर उनके खिलाफ कामगार विभाग के उपसचिव की समिति के तहत विभागीय जांच की गई।
इस जांच के बाद सोनवणे को सेवा से बाहर न निकालते हुए उन्हें जबरिया रिटायर करने का निर्णय लिया गया। यदि उन्हें सेवा से हटा दिया जाता, तो उनके परिवार को कुछ नहीं मिलता, ऐसे में समिति ने सहानुभूति पूर्वक विचार करते उन्हें बर्खास्त करने की बजाए रिटायर करने का निर्णय लिया। इस निर्णय के तहत गुरुवार को सोनवणे का जबरन रिटायरमेंट कर दिया गया, लेकिन इस आदेश को स्वीकार न करते हुए सोनवणे शुक्रवार को मंत्रालय में वे अपनी पत्नी और बेटे सहित पहुंचे। कामगार विभाग के प्रधान सचिव के कार्यालय के बाहर उन्होंने खुद पर अत्याचार का दावा किया और जहर पी लिया। आसपास मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें रोका और पुलिस के हवाले कर दिया।
Updated on:
12 Oct 2018 08:57 pm
Published on:
12 Oct 2018 08:57 pm
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