
AI से बनाया गया आरोपी बाबा की प्रतीकत्मक तस्वीर
Pune Crime News: आस्था और विश्वास की आड़ में महिलाओं की लाचारी का फायदा उठाने वाले एक पाखंडी बाबा को बारामती कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई है। हनुमंत जगताप, जिसे इलाके में लोग 'भोंदू बाबा' के नाम से जानते थे, उसे महिलाओं के शारीरिक और मानसिक शोषण का दोषी पाते हुए 4 साल के सश्रम कारावास की सजा दी गई है।
हनुमंत जगताप का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। वह अक्सर गरीब और भोली-भाली महिलाओं को अपना निशाना बनाता था। "क्या बच्चा नहीं हो रहा? क्या घर में गृह दोष है? कोई साथ नहीं है तो चिंता मत करो, मैं हूँ…" जैसे दिलासे देकर वह महिलाओं का विश्वास जीतता था। खासकर उन महिलाओं को वह जाल में फँसाता था जो संतान सुख से वंचित थीं।
पुलिस जांच में पता चला कि जगताप महिलाओं को यह कहकर डराता था कि उन पर किसी ने 'काला जादू' कर दिया है और जब तक वह 'विशेष गुप्त अनुष्ठान' नहीं करेगा, उनकी गोद नहीं भरेगी। इसी डर और उम्मीद का फायदा उठाकर उसने न केवल महिलाओं से मोटी रकम वसूली, बल्कि धर्म के नाम पर उनका शारीरिक शोषण भी किया।
जब एक पीड़ित महिला ने हिम्मत जुटाकर बारामती पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, तब इस पाखंडी के काले साम्राज्य का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून (जादू-टोना विरोधी अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया। अदालत में पुलिस ने पीड़ितों के बयान और ठोस तकनीकी सबूत पेश किए, जिससे यह साबित हो गया कि जगताप कोई सिद्ध पुरुष नहीं बल्कि एक पेशेवर अपराधी है।
बारामती कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि धर्म के नाम पर महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाना एक जघन्य अपराध है। कोर्ट ने हनुमंत जगताप को दोषी करार देते हुए 4 साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसकी जेल की अवधि और बढ़ सकती है।
इस फैसले के बाद पुणे पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे तंत्र-मंत्र, चमत्कार या पूजा के नाम पर समस्या हल करने का दावा करने वाले पाखंडियों से सावधान रहें। यदि कोई भी व्यक्ति पैसों की मांग करता है या अनुचित दबाव बनाता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में सूचना दें।
Published on:
08 Apr 2026 05:31 pm
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