13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Pune News: पुणे में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 53 प्रतिशत की वृद्धि, NCRB की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 में पुणे में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में 53.17% बढ़कर 1,616 हो गए, जबकि साल 2020 में यह 1,055 था। पुणे में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

2 min read
Google source verification
ncrb_report.jpg

NCRB Report

महाराष्ट्र के पुणे में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। साल 2021 में पुणे शहर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में 53.17% बढ़कर 1,616 हो गए, जबकि साल 2020 में यह 1,055 था, जैसा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। वहीं, साल 2019 में 1,390 मामलों की तुलना में साल 2020 में ये मामले काफी कम हो गए थे। तब गिरावट के कारणों में से एक कोरोना-प्रेरित लॉकडाउन प्रतिबंध था।

1,616 मामलों में से 518 किडनैपिंग और किडनैपिंग से संबंधित थे। 21 मामले नाबालिग लड़कियों को देह व्यापार में धकेलने से संबंधित थे। 348 महिलाओं के साथ मारपीट और शील भंग करने से संबंधित थे, और 180 मामले यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत नाबालिग लड़कियों के खिलाफ अपराधों से संबंधित थे। साल 2021 में सब मिलाकर महाराष्ट्र पुलिस ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित 39,526 मामले दर्ज किए, जबकि साल 2020 में 31,954 और साल 2019 में 37,144 मामले दर्ज किए गए थे। यह भी पढ़ें: Mumbai News: गणेश चतुर्थी पर करेंगे '26/11' जैसा हमला, पुलिस कंट्रोल रूम को आया एक और धमकी भरा कॉल

बता दें कि पुणे के पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़े महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या में बढ़ोतरी दिखाया है, लेकिन पुलिस ऐसे अपराधों से निपटने में अधिक संवेदनशील थी। ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई पारदर्शी और तेज है और इन्हीं वजहों से पीड़ित निडर हैं और ऐसे अपराधों को अंजाम देने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आ रहे हैं।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) रामनाथ पोकाले ने कहा कि कोरोना महामारी की वजह से साल 2020 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में गिरावट दर्ज की गई थी। साल 2021 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के पंजीकरण में निजी कंपनियों में महिलाओं और छात्रों के बीच कानूनी जागरूकता पैदा होने की वजह से बढ़ोतरी हुई थी। पोकाले ने कहा कि पुलिस स्टेशनों में दर्ज किए गए ज्यादातर मामलों में अपहरण, हमला, महिलाओं की लज्जा भंग करना, तस्करी और महिलाओं को क्रूरता और आत्महत्या के मजबूर करना शामिल है।

बड़ी खबरें

View All

पुणे

महाराष्ट्र न्यूज़

ट्रेंडिंग