
Sharad Pawar: अजित पवार की मौत के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी सैलाब आ गया था। गम के माहौल के बीच सियासत की खूब खिचड़ी पकाई गई। एक हफ्ते से ज्यादा समय बीत जाने के बाद जब सियासी सुनामी की लहरें थमने वाली थीं, तभी एक गुप्त बैठक ने महाराष्ट्र की राजनीति में फिर से भूचाल ला दिया है। दरअसल, बुधवार को अजित पवार के दोनों बेटों से दादा शरद पवार ने एक गुप्त मुलाकात की। इस बैठक के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही राज्य के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि जय और पार्थ से शरद पवार ने बंद कमरे में करीब 90 मिनट तक गुप्त बैठक की है। इस मुलाकात ने एक बार फिर दोनों पार्टियों के साथ आने की चर्चाओं को हवा दे दी है। हालांकि इस बैठक में क्या बातचीत हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इस पर फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सियासी गलियारों में कयासों का बाजार जरूर गर्म हो गया है। वहीं, अभी साफ हो नहीं पाया है कि यह मुलाकात पारिवारिक है या राजनीति है।
राजनीतिक हलकों में इस वक्त सबसे अधिक चर्चा पार्थ पवार की संभावित राजनीतिक आगे की राह को लेकर हो रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्थ की दिलचस्पी फिलहाल अपनी मां सुनेत्रा पवार की मौजूदा राज्यसभा सीट में नहीं मानी जा रही है, क्योंकि उसका कार्यकाल 2028 तक सीमित है। इसके बजाय उनकी नजर अप्रैल 2026 में खाली होने वाली सात राज्यसभा सीटों पर बताई जा रही है, जिन पर निर्वाचित होने पर पूरा छह साल का कार्यकाल मिलेगा। खास बात यह है कि इन सीटों में एक सीट शरद पवार की भी है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि क्या शरद पवार अपनी राजनीतिक विरासत के रूप में यह सीट पार्थ पवार को सौंपने का फैसला करेंगे।
Updated on:
04 Feb 2026 10:18 pm
Published on:
04 Feb 2026 08:31 pm
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