
Maharashtra: महाराष्ट्र में पिछले दस दिनों में भारी सियासी उथल-पुथल के बाद अब फिर सभी पार्टियों में मेयर बनाने को लेकर होड़ लगी है। इसी बीच औरंगाबाद महानगरपालिका में ओवैसी ने बड़ा खेल कर दिया है। दरअसल, AIMIM ने यहां पर नगर निगम के पूर्व सफाई कर्मचारी अशोक हिवराले को मेयर प्रत्याशी बना दिया है।
आपको बता दें कि ओवैसी की पार्टी ने हिंदू चेहरे पर दांव खेलते हुए विपक्ष को घेरने का काम किया है। हिवराले हिंदू होने के साथ-साथ अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं। औरंगाबाद में शुक्रवार को पूर्व सांसद इम्तियाज जलील ने उनके नाम की औपचारिक घोषणा करते हुए सभी राजनीतिक दलों से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि यह एक अहम मौका है, जब एससी समुदाय से आने वाले व्यक्ति को मेयर पद तक पहुंचाने के लिए सभी दलों को एकजुट होकर हिवराले का साथ देना चाहिए। इम्तियाज जलील ने इसे सामाजिक प्रतिनिधित्व और समावेशी राजनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और उम्मीद जताई कि सभी दल इस पहल का समर्थन करेंगे।
इम्तियाज अली ने अशोक हिवराले को मेयर और वसीम अहमद को डिप्टी मेयर के लिए प्रत्याशी घोषित करने के बाद औरंगाबाद के पालक मंत्री संजय शिरसाट से आग्रह किया। उन्होंने मंत्री से अपील करते हुए कहा कि वे औरंगाबाद के पालक मंत्री संजय शिरसाट से भी अपील करते हैं कि अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले व्यक्ति को मेयर बनाए जाने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिरसाट स्वयं अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखते हैं।
हिवराले ने नगर निगम की सेवा से वीआरएस लिया था और बाद में एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे थे। चुनाव में जीत हासिल कर वे पार्षद के रूप में एक बार फिर निगम में लौटे। राजनीतिक घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया, जब एआईएमआईएम ने उन्हें मेयर पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। हिवराले ने नगर निगम में करीब 28 वर्षों तक सफाई कर्मचारी के तौर पर काम किया है और वे सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
Published on:
07 Feb 2026 03:26 pm
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