पुणे में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अजीबो-गरीब सलाह दी है। कोर्ट ने कहा है कि महिला वकील अक्सर अपने बालों को कोर्ट में संवारती हैं। इससे न्यायालय की कार्यवाही बाधित होती है या विचलित होती है। कोर्ट ने महिला वकीलों को कोर्ट में ऐसा न करने की सलाह दी है।
आम जनता या कोई और भी शख्स न्याय की गुहार लगाने के लिए कोर्ट का रूख करता हैं। इसलिए हर किसी के मन में कोर्ट की अलग छवि बसी होती है। लेकिन आजकल पुणे डिस्ट्रिक कोर्ट का एक अजीबोगरीब आदेश चर्चा का विषय बन गया है। कोर्ट का यह आदेश महिला वकीलों के लिए है। कोर्ट की तरफ से जारी नोटिस को पढ़कर हर कोई हैरान हो जाएगा। इस नोटिस की फोटो सामने आई है।
इस नोटिस में लिखा गया है कि यह कई बार देखा गया है कि महिला वकील अक्सर कोर्ट में अपने बालों को सुलझाती हैं। इससे न्यायालय की कार्यवाही बाधित या विचलित होती है। इसलिए महिला वकीलों को एतद्द्वारा सलाह दी जाती है कि कोर्ट में वे ऐसा कृत्य न करें ,पुणे डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के इस नोटिस की फोटो फिलहाल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। यह भी पढ़े: Maharashtra News: ऑनलाइन से नहीं बनी बात, अब ऑफलाइन दिवाली फूड पैकेट बांट रही शिंदे सरकार
इस आदेश की फोटो को सोशल मीडिया के प्लेटफार्म ट्विटर पर ट्वीट करते हुए सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह ने लिखा है कि अब देखिए, महिला वकीलों को कौन और क्या आदेश दे रहा है।
पटाखों पर पाबंदी: इसी बीच दिवाली को मद्देनजर रखते हुए पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ शहर में 125 डेसिबल से अधिक आवाज वाले पटाखे फोड़ने पर पाबंधी लगा दी गई है। महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 के मुताबिक, पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्त अंकुश शिंदे ने 24 अक्टूबर की मध्यरात्रि से 23 नवंबर की मध्यरात्रि तक पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय के अधिकार क्षेत्र में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि प्रदूषण करने वाले पटाखों पर पूरी तरह रोक लगा दिया है।
बता दें कि इस दौरान 100 से ज्यादा पटाखों के साथ सभी लड़ियों वाले पटाखों को फोड़ने और 125 डेसीबल से ज्यादा आवाज उत्पन्न करना भी प्रतिबंधित किया गया है। जिला प्रशासन ने किसी भी गली या सड़क के 50 फीट के दायरे में अंधाधुंध पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अलावा जहां पटाखे फोड़े जाते है, उस जगह से 4 मीटर के अंदर 125 डेसिबल की आवाज पैदा करने वाले पटाखे का उत्पादन या बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया गया है।