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महाराष्ट्र के सरकारी गोदामों में खराब हो रहा हजारों क्विंटल प्याज,खरीदना तो दूर कोई देखने तक को नहीं है तैयार

इस 6500 टन में से 1300 टन सरकार के बफर स्टॉक का प्याज है...

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पुणे

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Prateek Saini

Oct 07, 2018

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(पत्रिका ब्यूरो,मुंबई): महाराष्ट्र के सरकारी गोदामों में नाफेड द्वारा भारी मात्रा में खरीदा गया प्याज खराब हो रहा है। नाफेड ने किसानों से ये प्याज 1100 रुपए क्विंटल के भाव से खरीदा था, लेकिन अब इस प्याज को कौडिय़ों के भाव में भी कोई नहीं पूछ रहा है। यहां एकत्रित 6500 टन में से आधे से ज्यादा प्याज सड़ चुका है। अगर सरकारी घाटा कम करने के लिए इस सड़े प्याज को बेचा भी जाता है, तो इसका भाव 4 से 5 रुपए से ज्यादा का नहीं लग सकेगा। इस 6500 टन में से 1300 टन सरकार के बफर स्टॉक का प्याज है।

तकनीक के अभाव में खराब हुआ प्याज

जानकारों के अनुसार, प्याज के रख-रखाव की तकनीक आधुनिक होनी चाहिए थी। नासिक के लासलगांव में बीएआरसी की एक यूनिट है, जिसमें प्याज को लंबे समय तक रखने के लिए रेडिएट किया जाता है और इसकी कीमत करीब 50 पैसे से एक रुपए प्रति किलो पड़ती है। नाफेड द्वारा खरीदे गए प्याज को इस प्रोसेस में नहीं लाया गया, जिससे प्याज जल्दी खराब हो रहा है। जानकारी के मुताबिक सरकार ने तकरीबन 1100 रुपए क्विंटल के हिसाब से ये प्याज किसानों से खरीदा था। वहीं बाजार में प्याज 8 से 10 रुपए किलो बिक रहा है।


गौरतलब है कि नासिक के गोदाम में नाफेड के जरिए खरीदे गए प्याज को बाजार में बढ़ी कीमतों के दौरान सरकार के जरिए वितरित करने थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और बड़ी मात्रा में प्याज सड़ गया। वहीं व्यापारियों की मानें तो नाफेड के रखरखाव में कई कमियां हैं, जिससे न तो व्यापारियों समेत उपभोक्ता और किसान में किसी को भी लाभ नहीं मिल सकता है।

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