
लोकसभा चुनाव 2019: दलितों वोटबैंक पर अपना कब्जा जमाने के लिए बीजेपी ने बनाया ये प्लान, विरोधियों के उड़े होश
लखनऊ. लोकसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। इसी सिलसिले में भाजपा भी अपना वोट बैंक मजबूत करने में लग गई है। भाजपा ने दलितों को लोकसभा चुनाव के पहले अपनी ओर लाने की कोशिश तेज़ कर दी हैं। लगभग 15 दिन विभिन्न पिछड़ी जातियों का सम्मेलन करने के बाद बीजेपी अब 21 नवम्बर से दलितों के उप जातियों का सम्मेलन करेगा।
पहला सम्मेलन दलितों में जाटव एवं चमार उप जातियों का होगा। इस सम्मेलन में सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। साथ ही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पांडे और बीजेपी संगठन मंत्री सुनील बंसल भी रहेंगे। अनुसूचित मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष एवं मलीहाबाद सांसद कौशल किशोर भी इस सम्मेलन में रहेंगे।
बता दें कि 2014 के लोक सभा चुनाव में 71 सांसदों को जीताने की बावजूद भी बीजेपी दलितों में जाटव वोटबैंक को अपने पाले में करने में पूरी तरह से सफल नहीं हुई। जिसके कारण से पिछले तीन चार सालों से भाजपा जाटव वोटबैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही हैं। इसी कड़ी में 21 नवम्बर को बीजेपी का जाटव और चमार सम्मेलन होगा। दलितों का यह सम्मेलन 2 दिसम्बर तक चलेगा। आखिरी दिन यानि 2 दिसम्बर को दलितों की उप जाति पासी समाज का सम्मेलन होगा। इस बींच में धनुक, कोरी और अन्य उप जतियों का भी सम्मेलन होगा।
लोकसभा चुनाव 2014 में जहां बीजेपी के 71 सांसद विजयी हुए थे वहीं विधानसभा चुनाव 2017 में बीजेपी 312 सीटों पर विजय पाने में सफलता हासिल की थी। 2014 की जीत भी भाजपा के लिए बड़ी जीत थी क्योंकि 30 सालों में किसी पार्टी को पहली बार सरकार चलाने के लिए 282 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत मिला था।
Published on:
19 Nov 2018, 9:05 AM IST
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