
देना-विजया और बीओबी के विलय का रास्ता साफ, कास्टमर्स के लिये होंगे ये बदलाव
लखनऊ. केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद देना बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय का रास्ता साफ हो चुका है। विलय के बाद अस्तित्व में आने वाली नई इकाई का नाम तो नहीं बदलेगा लेकिन इन बैंकों के खाता धारक निवेशक और कर्जदारों के लिए कुछ बदलाव संभव है। विलय के बाद बैंक, शाखा और एटीएम की संख्या में इजाफा होने से अधिकतर ग्राहकों को सहूलियत होगी। नया बैंक कुल संपत्ति के लिहाज से बेहद मजबूत स्थिति में आ जाएगा जिससे इन बैंकों में जमा की राशि और सुरक्षित हो सकती है। साथ ही शेयर बाजार में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और विलय के बाद उन्हें बैंक के स्थायित्व का लाभ मिल सकता है।
बदल सकती है कस्टमर आईडी
सबसे ज्यादा बदलाव का सामना इन तीनों बैंकों के खाताधारकों को करना पड़ सकता है। बचत खाते की ब्याज दर भी बदल सकती है। नई इकाई में खाता रखने वाले ग्राहकों को बैंक की ओर से नया चेकबुक और डेबिट या क्रेडिट जारी किया जाएगा। इसके अलावा खाता संख्या और कस्टमर आईडी में भी बदलाव हो सकता है। इसके साथ ही इन बैंकों की शाखाओं का भी मिले हो जाएगा जिससे संभव है कि आप की शाखा भी बदल जाएगी। बैंक शाखा में बदलाव के कारण आप के खाते का आईएफएससी कोड भी बदलेगा।
एफडी के ब्याज पर असर नहीं
अगर आपने इन बैंकों में से किसी भी बैंक में एफडी खुलवा रखी है तो इस पर मिलने वाली ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि एफडी का ब्याज का निर्धारण एक निश्चित अवधि के लिए होता है और बीच में इसमें बदलाव करना बैंकों के लिए संभव नहीं है।
नहीं बढ़ेगा ईएमआई का बोझ
विलय के बाद आपकी कर्ज की राशि नई इकाई में स्थानांतरित हो जाएगी और ईएमआई पूर्ववत रहेगी। अगर कर्ज एमसीएलआर पर आधारित है तो अवधि की समाप्ति पर नई दर से ईएमआई बनेगी।
शेयरों की हो जाएगी अदला बदली
शेयरधारकों के लिए अनुपात के मुताबिक विजया बैंक के शेयर धारक के प्रति एक हजार शेयर पर बीओबी के 402 शेयर मिलेंगे जबकि देना बैंक के शेयरधारकों प्रति 1000 शेयर पर बॉबी के 110 शेयर मिलेंगे यह अंतर शेयरों और वैल्यूएशन की वजह से आया है
Published on:
04 Jan 2019 09:56 am
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