
कांग्रेस की सदर विधायक अदिति सिंह पर हमले की घटना की जाँच करने पहुंची फोरेंसिक टीम
रायबरेली . जिले में 14 मई को कांग्रेस की सदर विधायक अदिति सिंह लखनउ से वापस रायबरेली लौटते समय इलाहाबाद-लखनऊ हाइवे पर श्री महावीर सिंह स्मारक महाविद्यालय के सामने उनकी फारचूनर गाड़ी और साथ चल रही उनकी एक गाड़ी स्कार्पियों भी हमले की चपेट में आयी थी या डिवाइडर से टकराई गाड़ियों की जांच करने आयी फोरेंसिंक टीम रायबरेली के घटना स्थल और अन्या जगहों की जांच करने पहुंचे थे। अभी यह जांच काफी समय तक चलेगी। इस जांच में कई सवाल और आरोप है।
कांग्रेस की सदर विधायक अदिति सिंह पर हमले की घटना की जाँच करने पहुंची फोरेंसिक टीम
पूरा मामला 14 मई को हुई कांग्रेस की सदर विधायक अदिति सिंह के साथ हुई घटना को लेकर जिले में प्रयागराज और लखनउ से आई तीन सदस्यीय फोरेंसिक टीम ने बारीकी से जांच की। इस पूरी जांच टीम ने दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की विधिवतपूर्ण छानबीन के बाद घटनास्थल पर टूटे पडे़ कांच के टूकड़ों के नमूने भी लिए। उम्मीद है कि इस पूरे मामले की रिपोर्ट लगभग 10 दिनों के अन्दर फोरेंसिक टीम जांच रिपोर्ट सौंप देगी।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला की निदेशक डॉ. अर्चना त्रिपाठी का क्या कहना है
कांग्रेस की सदर विधायक अदिति सिंह के वाहन नंबर यूपी 33 एएफ-4626 और उनके काफिले में शामिल स्कार्पियो नंबर यूपी 33 टी-2473 वाहन की सही जांच का पता लगाने के लिए लखनऊ, प्रयागराज और रायबरेली के वैज्ञानिकों की तीन सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम में फोरेंसिक लैब प्रयागराज के उप निदेशक डा0 बृजेश भारती, लखनऊ लैब के वैज्ञानिक डा. एके झा, रायबरेली की वैज्ञानिक ड़ा प्रतिभा तिवारी को शामिल किया गया है। टीम के सभी सदस्य टीम ने हरचंदपुर पुलिस के साथ सबसे पहले श्री महावीर सिंह स्मारक महाविद्यालय के पास दुर्घटना स्थल का मुआयना किया। टीम के सदस्यों ने सड़क पर वाहनों के टायर के निशान, टूटे पड़े कांच के टुकड़े, गाड़ियों की सही हकीकत की स्थिति उनकी दूरी देखी। टीम के सदस्यों ने कांच के टुकड़ों के नमूने भी एकत्र किए हैं।
फोरेंसिक लैब के उपनिदेशक ने जांच में आठ से दस दिन लगने की उम्मीद जताई
वाहन टकराने के बाद उन पर पाए गए स्पॉट्स का पेंट का मिलान भी किया। वाहनों का कौन सा हिस्सा कहां पर टकराया, टीम ने इसकी भी गहन जांच पड़ताल की। विधायक अदिति सिंह के काफिले के वाहनों में पीछे टकराई एक अन्य कार यूपी 32 एफएन -9137 की भी जांच पड़ताल की गई। फोरेंसिक लैब के उपनिदेशक बृजेश भारती ने बताया कि मौके का और क्षतिग्रस्त वाहनों का निरीक्षण किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। दो घंटे तक जांच-पड़ताल के बाद टीम के सदस्य लौट गए। जांच में आठ से दस दिन लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
Published on:
18 May 2019 10:51 am
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