
सरकार की योजना का मिला लाभ, एक गरीब छात्रा को मिला जीवन दान
रायबरेली. देश में सरकारी योजनाओं का अगर सरकार गरीबों और जरुरत मन्दों को मिलती है तो देश की जनता को भी लगता है कि आम जनता के टैक्स का पैसा कही तो सही जगह लगाया जा रहा है। और आम जनता सरकार को भी धन्यवाद देती हैं। इसी तरह की सरकार की योजना एक गरीब छात्रा को मिलने से उसको जीवन दान मिला है।
जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित
रायबरेली हरचंदपुर के प्राइमरी स्कूल में कक्षा चार की छात्रा अनुकृति विश्वकर्मा की उम्र आठ वर्ष की है जो जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। उसके दिल में छेद था। परिवार की आर्थिक स्थिति इलाज कराने लायक नहीं थी। ऐसे में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम आरबीएसके की टीम बालिका के लिए भगवान बन गई। डॉक्टरों को धरती का भगवान ऐसे ही नही कहा जाता है। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज लखनऊ में सफल ऑपरेशन होने के बाद वह अपने घर लौट आई हैं। हरचंदपुर कस्बा निवासी प्रेम शंकर विश्वकर्मा की पुत्री अनुकृति विश्वकर्मा का हृदय रोग परिवार के लिए मुसीबत बन गया था। प्रेमशंकर की पांच पुत्री हिमानी, हिमांशी, स्वर्णिमा, अनुति, प्रति और एक पुत्र प्रांजुल है। दिल की मरीज अनुकृति की समस्या धीरे-धीरे और बढ़ने लगी। उसे सर्दी, जुखाम, बुखार के साथ सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी थी।
बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण
बताते चलें कि यह मामला 4 नवंबर 2016 की है। आरबीएसके की टीम में शामिल डॉक्टर पूनम गुप्ता, डॉ दिलीप अरुण, एएनएम अरुणा सिंह प्राइमरी स्कूल में शिविर लगाकर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करने गई थी। तब उनके सामने अनुकृति की बीमारी उभरकर सामने आई। टीम के द्वारा अनुकृति को जिला अस्पताल ले जाकर जांच कराने पर उसके दिल में छेद होने का पता चला। इसके बाद उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया। जिससे उसका निशुल्क इलाज हो सके। अनुकृति का पिता बाजारों में पुश्तैनी काम धंधा करके जैसे तैसे गृहस्थी की गाड़ी को खींच रहा था। अनुकृति अपनी बुआ गीता विश्वकर्मा उसी के स्कूल में शिक्षा मित्र हैं।
दिल का किया ऑपरेशन
बेटी के समान प्यारी भतीजी के लिए परेशान गीता अपनी भतीजी को लेकर केजीएमयू पहुंची। जांच पड़ताल की लंबी प्रक्रिया चली। इस बीच तीन बार भर्ती होने के बाद घर भी लौटना पड़ा। दिल्ली से आई टीम ने अनुकृति को देखा। आखिरकार 11 अप्रैल को अनुकृति को भर्ती करके डॉक्टरों ने उसके दिल का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद 20 अप्रैल को वह अपने परिवार के साथ घर लौट आई है।
आरबीएसके टीम को बधाई
सीएचसी के चिकित्सक अधीक्षक डॉक्टर का गौतम वा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉक्टर अनिल कुमार गुप्ता ने आरबीएस के टीम की डॉक्टर पूनम गुप्ता, डॉक्टर दिलीप अरुण, एएनएम अरुणा सिंह को बधाई दी है। उनका कहना है कि अभिभावक अपने बच्चों की बीमारी को नही छुपाना चाहिये है जिससे समय रहते हैं उनका सही इलाज हो सके और वह सामान्य जीवन को अच्छी तरह से जीने लायक हो सकेगें , साथ उनको भी दुनिया देखने का मौका मिलना चाहिये।
जिले में ओपन हार्ट सर्जरी का पहला मामला
हरचन्दपुर नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉक्टर नागेंद्र प्रसाद का कहना है कि अनुकृति विश्वकर्मा का जनपद में ओपन हार्ट सर्जरी का यह पहला मामला है। व्यक्तिगत तौर पर यह ऑपरेशन कराए जाने पर कम से कम तीन चार लाख रुपए का खर्च आता है। आरबीएसके में 38 प्रकार की बीमारी का मुफ्त इलाज सरकारी स्कूल वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों का होता है।
सरकारी योजनाओं की देखभाल की बनने चाहिये एक कमेटी
देश में सरकारी योजनाओं का अगर सरकार गरीबों और जरुरत मन्दों को मिलती है तो देश की जनता को भी लगता है कि आम जनता के टैक्स का पैसा कही तो सही जगह लगाया जा रहा है। और आम जनता सरकार को भी धन्यवाद देती हैं। लेकिन सरकार आम जनता की बनाई योजनाओं को प्रचार प्रसार तो बहुत करती है लेकिन नीचे बैठे अधिकारी और कर्मचारी आम जनता को सही तरीके से बताने और पहुंचाने का काम नही करते है इसलिये आम जनता देश और प्रदेशों की सरकारों को कोसते रहते है। आम जनता का मानना है कि देश और प्रदेशों की सरकारे प्रत्येक 3 महीनों में इसकी जांच करें कि कौनसी योजना बन्द हुई और कौन आम जनता तक पहुंची है या नही। इस पर ध्यान देना होगा। तभी सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता को मिलेगा।
Published on:
26 Apr 2018 12:24 pm
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