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गुरुद्धारा श्री गुरु सिंह सभा फिर आया विवाद में

गुरुद्धारा श्री गुरु सिंह सभा फिर आया विवाद में, नायब तहसीलदार नगर को रिसीवर नियुक्त किया गया,सिख समुदाय में दो पक्षों में चले आ रहे विवाद को लेकर सदर प्रशासन ने संभाली शांति व्यवस्था की कमान, सत्य और आस्था की जीत हुई-सिख संगत  

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गुरुद्धारा श्री गुरु सिंह सभा रायबरेली

गुरुद्धारा श्री गुरु सिंह सभा फिर आया विवाद में

रायबरेली। गुरु नानक नगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के प्रबंधन के संबंध में नगर मजिस्ट्रेट द्वारा 146 (1) की कार्यवाही से धर्म स्थल की पवित्रता वार्षिक संगत की पिछले दिसंबर माह से चली आ रही मांग पर प्रशासनिक कार्यवाही न्याय दृष्टि से उचित है। यह बात प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संगत के सदस्यों ने कही। दरसल आरोप है कि व्यापारी नेता सरदार बसंत सिंह बग्गा एवं उनके कुछ साथियों द्वारा गुरुद्वारा साहब में जो तानाशाही मनमानी व पैसों का दुरुपयोग किया गया इस संबंध में संगत के लोगों ने प्रबंधन द्वारा मर्यादा के विपरीत काम होते देख कर संगत में आक्रोश व्यक्त किया था। उनके द्वारा प्रबंधन की धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ ना करने की बात की एवं संगत द्वारा जिलाधिकारी को कई बार अवगत कराया था,

सिख समुदाय में दो पक्षों में चले आ रहे विवाद को लेकर सदर प्रशासन ने संभाली कमान।

प्रशासन द्वारा जांच की गई जांच के आधार पर प्रशासन द्वारा 27 अक्टूबर 2018 को श्रीमान नगर मजिस्ट्रेट रायबरेली के आदेशानुसार नायब तहसीलदार को रिसीवर नियुक्त करते हुए निर्देशित किया गया कि वह अपने स्तर से सिख समाज के पांच निर्विवाद वरिष्ठ सदस्यों की समिति बनाकर उनके सहयोग व सुझाव से गुरुद्वारा के धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार संचालित करने का प्रबंध करते हुए सुनिश्चित करेंगे कि समाज की धार्मिक भावनाओं पूजा पाठ धार्मिक क्रियाकलाप में कोई व्यवधान ना हो। नगर मजिस्ट्रेट रायबरेली द्वारा उठाए गए कदम का सिख संगत ने स्वागत किया एवं आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सिख संगत एक तरफ थी तथा दूसरी तरफ लोग चंद वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे थे।

सत्य और आस्था की जीत हुई-सिख संगत


धार्मिक स्थल की पवित्रता को बनाए रखने के लिए काम कर रही थी जिसको प्रबंधन में स्वीकार नहीं किया। कानूनी लड़ाई के बाद में आए की जीत हुई एवं सरदार बसंत सिंह बग्गा का वर्चस्व समाप्त हो गया सिख संगत ने कहा कि हम सबका दायित्व है कि धर्म स्थल पर वर्चस्व का नहीं आस्था का ध्वज लहराएगा इसके लिए वह हर तरह से सक्रिय रहेंगे। इस कार्यक्रम में अवतार सिंह छाबड़ा, त्रिलोचन सिंह मोगा, गुरुजीत सिंह तनेजा, बलजीत सिंह मोगा, हरभजन सिंह मोगा, सरदार त्रिलोचन सिंह, जोगेंद्र गांधी गुरमीत सिंह लकी तनेजा मनप्रीत सिंह मोगा प्रतिपाल सिंह मोगा आदि लोग उपस्थित थे।


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