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रायबरेली. रायबरेली जिले के डीह थाने की पुलिस के चलते एक परिवार का दबंगों ने जीना मुहाल कर रखा है। यहां तक कि दबंगों ने एक माह के भीतर तीन बार परिवार पर जानलेवा हमला किया। परंतु पुलिस ने केवल एक ही मामले की एनसीआर दर्ज की। जानकर आश्चर्य होगा कि पुलिस ने इस मामले में भी तब एनसीआर दर्ज की जब पुलिस इस मामले की जांच करने पहुंची और दबंगों से उसकी भी तीखी नोकझोंक हो गई ।
प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि पुलिसकर्मियों को खुद अपनी दबंगों से सुरक्षा के लिए थाने से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा था। मामला डीह थाने का है। जहां के कस्बा निवासी हीरालाल की जमीन पर जबरन कब्जे को लेकर गांव के ही रामप्रताप राम प्रसाद पुत्र स्वर्गीय संतू , श्रवण कुमार उर्फ पप्पू ,पवन कुमार उर्फ राहुल , सीमा रीना पुत्री राम प्रताप , सावित्री पत्नी राम प्रताप, आशीष मौर्य पुत्र शीतलादीन मौर्य, बाबू मौर्य पुत्र बजरंगी मौर्य ने 30 नवंबर 2017 को घर में घुसकर उसकी पुत्री रामश्री वह उसकी पत्नी तारा देवी को आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए मारा-पीटा । जिसकी सूचना हंड्रेड डायल पर हीरालाल की पुत्री ने दी ।
मौके पर पहुंची 100 डायल पुलिस ने किसी तरह मां बेटी की दबंगों से जान बचाई जिसकी लिखित सूचना रामश्री ने थाने में दी । जिस पर पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की थी क्योंकि दबंगों ने ऐलानिया धमकी दी थी कि पुलिस मेरा कुछ नहीं कर पाएगी क्योंकि पुलिस से उनका रोज का उठना बैठना है थाने की पुलिस ने तहरीर तो ले ली परंतु दबंगों के कहे अनुसार कोई कार्रवाई नहीं की। जिससे दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए और उन्होंने एक बार फिर 5 दिसंबर को हीरालाल के खेत की मेड तोड़ दी और पुनः हीरालाल की पत्नी को रास्ते में देख उसे गालियां देते हुए गांव के बाहर से घर तक लेते आए । घर के बाहर शोरगुल की आवाज सुनकर जब परिवार वाले बाहर निकले तो उन लोगों ने पत्थरों से हमला कर दिया और ऐलानिया धमकी दी की जमीन पर उनका ही कब्ज़ा होगा इसके लिए चाहे इसके लिए चाहे एक आध लोगों की हत्या ही क्यों न करनी पड़ जाए।
इस घटना कि शिकायत भी रामश्री ने लिखित थाने पर की। परन्तु इस बार भी थाने की पुलिस ने वही किया जो बीच गांव में दबंगो ने कहा। तहरीर ले ली और चुप्पी साध कर बैठ गई । अब दो- दो बार मारपीट और पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर तो दबंगों के हौसले बुलंद हो गये।
उन्होंने एक बार फिर जमीन पर कब्जे के लिये हीरालाल के परिवार पर हमला बोल दिया और वृद्ध हीरालाल को लाठी-डंडों से जमकर मारा-पीटा पीड़ित के अनुसार हमलावरों ने उसे जान से मारने की नीयत से उस पर तमंचा भी लगाया और कहा कि जमीन उनके हाथ में कर दो नहीं तो जान से हाथ धो बैठोगे। इस मारपीट की सूचना भी सबसे पहले 100 डायल पुलिस को दी मौके पर जब पुलिस पहुंची तो हमलावर भाग निकले। इस मारपीट की सूचना हीरालाल ने थाने पर दी ।
बताते है कि इस मामले की जांच करने पहुंची पुलिस को भी उक्त हमलावरों ने नहीं बक्सा और गांव में इस बात की अफवाह फैला दी कि चोर गांव में घुस आए है । जिससे तमाम गांववालों ने पुलिस वालों को ही घेर लिया जिस पर मौका मुआयना करने गये सिपाहियों को थाने सूचना कर पुलिसबल बुलाना पड़ा था। इस मामले में तो पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर अपनी साख बचा ले गई, लेकिन इस मारपीट में भी पुलिस ने दबंगों पर अपनी नरमी बरती केवल मामूली मारपीट में ही मामले को दर्ज किया। जबकि मारपीट में हीरालाल के सिर व गले में गम्भीर चोटें आई है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने उसकी हालत गम्भीर बताते हुये लखनऊ रिफर कर दिया। परन्तु धनाभाव के कारण उसका आज भी जिला अस्पताल रायबरेली में इलाज चल रहा है ।
डीह पुलिस की कार्यवाही का आलम यह है कि जिस मारपीट में घायल को चिकित्सक गम्भीर बता रहे उसी मारपीट को पुलिस मामूली बताकर एनसीआर दर्ज कर रही है । सनद रहे कि तीन बार घर में घुस कर महिलाओं , बजुर्ग के साथ मारपीट में पुलिस ने उसी मामले में थोड़ी बहुत कार्रवाई की जिसमें खुद उसकी ही फजीहत हो गयी, लेकिन इस फजीहत को भी पुलिस ने पूरी तरह दबा लिया।
Updated on:
26 Dec 2017 08:15 am
Published on:
25 Dec 2017 03:13 pm
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