22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

15 साल की ज्योति सबसे कम उम्र की आइआइटियन, धनबाद में मिला एडमिशन

- जेईई में मिली थी 342वीं रैंक - बीटेक के लिए धनबाद में लिया दाखिला - छोटी उम्र में पूरे किए सपने

2 min read
Google source verification
jyoti priyadarshi

15 साल की ज्योति सबसे कम उम्र की आइआइटियन, धनबाद में मिला एडमिशन

रायबरेली. कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो कुछ भी हासिल करना नामुमकिन नहीं। रायबरेली के बितौड़ा गांव की रहने वाली 15 साल की ज्योति प्रियदर्शी ने आईआईटी (IIT) आईएसएम, धनबाद में माइनिंग मशीनरी में एडमिशन लिया। उन्हें जेईई एडवांस कैटगरी में 342 रैंक है। छात्र-छात्राओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी ज्योति प्रियदर्शी ने छोटी उम्र में ही बड़ा मुकाम हासिल किया है। उन्होंने 13 साल में 2017 में 10वीं और 2019 में 12वीं के साथ जेईई एडवांस क्वालिफाई किया।

एक साथ पूरी की दो कक्षाओं की पढ़ाई

ज्योति ने एक साथ दो कक्षाओं की पढ़ाई पूरी की है। उसने छठी में सातवीं कक्षा की पढ़ाई और सातवीं में आठवीं और नौवीं की पढ़ाई पूरी कर ली। इसके बाद 10वीं और 12वीं पूरा किया। ज्योति ने 10वीं और 12वीं सीबीएसई बोर्ड से किया है। 10वीं में उसे 89.5 और 12वीं में 84.4 फीसदी अंक मिले थे। वह अगले चार-पांच साल में इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी पूरी कर लेगी।

ये भी पढ़ें:दिव्यांग बच्चों को निशुक्ल बाटी जाएंगी ये चीजें, राज्य परियोजना कार्यालय ने दिया निर्देश

ज्योति ने जेईई एडवांस की तैयारी अपने दम पर की। उसने कोई ट्यूशन या कोचिंग क्लासेस जॉइन नहीं किया था। कम उम्र में ही आधी पढ़ाई पूरी करने वाली ज्योति ने कहा कि योजना बनाकर काम करना और टाइम मैनेजमेंट दो बहुत जरूरी बातें होती हैं अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए। ज्योति के पिता सुरेश जूनियर स्कूल में शिक्षक हैं और मां मंजू गृहणी हैं।

प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी रहेगी जारी

ज्योति ने कहा कि उन्होंने पहले एक साल ड्रॉप करने की सोची थी। उन्हें लगा नहीं था कि सीट मिलेगी। उसने बताया कि अगर 11वीं और 12वीं में पढ़ाई ठीक से की जाए तो करंट ईयर (12वीं बोर्ड के साथ जेईई) में सफलता पाई जा सकती है। एक तय योजना, टाइम मैनेजमेंट और मेहनत की मंजिल तक पहुंचाती है। ज्योति ने आईआईटी आईएमएस में एडमिशन लिया है लेकिन वे प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी आगे जारी रखेंगी।

बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि

ज्योति बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि रही है। ढाई साल की उम्र में ही ज्योति ने कक्षा एक में एडमिशन ले लिया था। इसके बाद रायबेरली आने के बाद ज्योति ने न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल में दाखिला लिया। ज्योति ने हर कक्षा में अव्वल स्थान प्राप्त किया। चतुर बुद्धि होने के कारण ज्योति ने उम्र से पहले ही स्कूली पढ़ाई पूरी कर ली।

डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता

ज्योति के पिता सुरेश की ख्वाहिश थी कि उनकी बेटी डॉक्टर बने। मगर इंजीनियरिंग की तरफ बेटी का झुकाव देखकर उन्होंने उसे सपोर्ट किया। खेलने कूदने की उम्र में ज्योति ने किताबों से दोस्ती कर ली थी। वहीं, अपने खाली समय में ज्योति बीआर अम्बेडकर और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तियों की बायोग्राफी पढ़ती हैं। स्पोर्ट्स में ज्योति को चेस और क्रिकेट पसंद है। महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) और सौम्या स्वामिनाथन उसके पसंदीदा कलाकार हैं।