
साथियों ने कहा-दिलवा दूंगा नौकरी.. अौर फिर बंधक बनाकर कर डाला युवक के साथ कुकर्म
रायबरेली. जिले के अलग अलग थानों में दुष्कर्म से सम्बन्धित दो मामले आये है जिसमें एक थाना हरचन्दपुर का है। दूसरा मामला सदर कोतवाली का है जहां 10 साल पहले एक दुष्कर्म का मामला आया था जिसपर पुलिस ने मुकदमा लिखकर कार्रवाई की थी। जिसे न्यायलय ने सजा सुनाई है।
रायबरेली हरचन्दपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक के साथ लखनऊ में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़ित ने हरचंदपुर थाना पहुंच कर अपनी समस्या को थानाध्यक्ष को आपबीती बताई। हरचन्दपुर क्षेत्र के एक गांव की शादी हो जाने के बाद उसे अपनी बीबी का पेट पालना था उसने रोजगार की तलाश कर रहा था। तभी गांव के एक युवक ने उसको लखनऊ में नौकरी दिलाने की बात कही। दोनों 26 सितंबर को लखनऊ पहुंचे। आरोप है कि उस युवक ने अपने दो साथियों संग उसके साथ कुकर्म किया। उसे बंधक बनाकर रखा गया। साथ ही जुबान खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी। वह किसी तरह बहाना बनाकर गांव लौट आया। पहले घरवालों को वारदात के बारे में बताया। परिवारीजनों के साथ शाम को वह हरचंदपुर थाने पहुंचा। उसने गांव के युवक को नामजद करते हुए व दो अन्य अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है। एसओ सचिन गुप्ता ने बताया कि गांव के जिस युवक पर आशंका जतायी गई है, उसकी तलाश की जा रही है।
न्यायालय ने दुष्कर्मी को दस साल की सजा सुनाई
रायबरेली दुष्कर्म के मामले में दोष सिद्ध मिलने पर जज ने अभियुक्त को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। तीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। पूरा मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के खालिसहाट का है। 25 मई 2008 को एक महिला किराये का मकान ढूंढने निकली थी। दोपहर करीब तीन बजे पप्पू गद्दी पुत्र ओझई निवासी खाली सहाट ने महिला को घर के अंदर बुलाया। कहा, मेरी पत्नी के साथ कमरा देख लो। घर के अंदर आते ही पप्पू ने युवती को दबोच लिया और डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर मारा-पीटा, जिससे महिला का एक दांत भी टूट गया। दूसरे दिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तहकीकात की। चार्जशीट न्यायालय पहुंचने पर गवाही शुरू हुई। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश इफराक अहमद की अदालत ने पप्पू गद्दी को दोषी पाते हुए दस साल की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया। सजा के साथ 30 हजार अर्थदंड भी लगाया।
Published on:
07 Oct 2018 04:49 pm
बड़ी खबरें
View Allरायबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
