रायबरेली

मंजू मिश्रा को मिलेगा सम्मान, अमेरिका में हिन्दी का प्रचार प्रसार कर रहीं हैं

11 नवंबर को फिरोज गांधी कॉलेज सभागार में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

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रायबरेली. आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में 11 नवंबर को फिरोज गांधी कॉलेज सभागार में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस बार कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अनाथों की मां कही जाने वाली पुणे की सिंधुताई सपकाल और अमेरिका में हिन्दी के प्रचार-प्रसार करने वाली श्रीमती मंजू मिश्रा होंगी।

आचार्य द्विवेदी राष्ट्रीय स्मारक समिति के अध्यक्ष विनोद शुक्ल ने बताया कि इस वर्ष का आचार्य द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान श्रीमती मंजू मिश्रा (अमेरिका) एवं डॉ. राम मनोहर त्रिपाठी लोक सेवा सम्मान 'अनाथों की मां' कही जाने वाली सिंधुताई सपकाल (पुणे) को प्रदान किया जाएगा। समिति के महामंत्री अनिल मिश्र ने बताया कि प्रभाष जोशी स्मृति पत्रकारिता सम्मान बीबीसी-दिल्ली के पत्रकार वात्सल्य राय को दिया जा रहा है। उनके नाम का चयन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय ने किया है। शिवानंद मिश्र 'लाले' सम्मान जनपद में इंटर की परीक्षा में टॉप करने वाली वर्तिका सिंह को दिया जाएगा। रेलकोच फैक्ट्री में आचार्य द्विवेदी हिदी पुस्तकालय स्थापित करने में योगदान देने के लिए रेलकोच फैक्ट्री की अकाउंट ऑफीसर श्रीमती स्नेहलता तिवारी का विशेष अभिनंदन किया जाएगा।

संघर्षों भरा है सिंधुताई का जीवन

रायबरेली 'अनाथों की मां' कही जाने वाली सिंधुताई सपकाल का जीवन संघर्षों भरा है। गर्भावस्था में उन्हें ग्राम सरपंच के दबाव में पति ने घर से निकाल दिया था। मायके में भी शरण न मिलने पर सिंधुताई ने कुछ समय भीख मांगकर बिताया। इसके बाद उन्होने अनाथ बच्चों को सहारा देना शुरू किया। उन्होने लगभग तीन सौ बेटियों और 50 बेटों को पाल-पोस कर बड़ा किया। शादियां की और उन्हें व्यवस्थित किया। उनके पाले-पोस कई बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर आदि पदों पर कार्य कर रहे हैं।

सात समंदर पार सिखाती हैं लोगों को हिन्दी

रायबरेली मूलत: लखनऊ की रहने वाली श्रीमती मंजू मिश्रा वर्तमान में अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत में रहती हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली श्रीमती मिश्रा ने सात समंदर पार कैलिफोर्निया में गैर हिन्दी भाषियों को हिन्दी सिखाने का बीड़ा उठा रखा है। अब तक वह करीब चार हजार लोगों को हिन्दी सिखा भी चुकी हैं। कवि हृदय श्रीमती मिश्रा को इस हिन्दी सेवा के लिए कई सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं।

पद्मिनी शर्मा और हाशिम फिरोजाबादी सुनाएंगे कविताएं

रायबरेली आचार्य द्विवेदी स्मृति कार्यक्रम में इस बार कवि सम्मेलन में 'वाह वाह क्या बात है' में कविताएं सुनाकर दिल जीतने वाले कवि और शायर पधार रहे हैं। कोषाध्यक्ष मजहर अब्बास नकवी ने बताया कि हाशिम फिरोजाबादी और पद्मिनी शर्मा के अलावा जयपुर से बनज कुमार बनज एवं लखनऊ के सूर्य कुमार पांडेय ने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।


डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित का होगा नागरिक अभिनंदन

आचार्य स्मृति दिवस पर इस बार जनपद के बन्नावां गांव में जन्मे डॉ. सूर्य प्रसाद दीक्षित का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। डॉ. सिंह देश के प्रख्यात समालोचक और साहित्यकार हैं। हाल ही में उन्हें केंद्रीय हिन्दी संस्थान के सुब्रह्मण्यम भारती पुरस्कार राष्ट्रपति ने प्रदान किया था। इसके अतिरिक्त भी उन्हें देश-विदेश के कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

Published on:
11 Oct 2017 11:57 am
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