
Raebareli
पत्रिका ग्राउंड रिपोर्ट.
रायबरेली. रायबरेली के ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी में बुधवार की शाम बॉयलर की स्टीम पाइप फट गयी। इससे प्लांट में भीषण आग लग गयी। इस हादसे में कम से कम 15 मजदूरों की जलकर मौत हो गयी। 100 से अधिक मजदूर बुरी तरह झुलस कर घायल हो गए हैं। झुलसने वालों में 4 एजीएम भी शामिल हैं। एनडीआरएफ की टीम सहित राहत और बचाव कार्य में कई टीमें लगी हुई हैं। जिस यूनिट में हादसा हुआ उसमें 1500 मजदूर काम करते हैं। कई मजदूर लापता हैं इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। इस बीच प्रशासन ने 10 मौतों की पुष्टि की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कांग्रेस अध्यक्ष और रायबरेली की सांसद सोनिया गांधी ने घटना पर दुख जताया है।
तेज धमाका और भीषण आग-
हादसा तब हुआ जब अधिकतर मजदूर शाम की शिफ्ट का काम खत्म कर घर जाने की तैयारी में थे। नाइट शिफ्ट के श्रमिक भी ड्यूटी के लिए पहुंंच रहे थे, इसलिए प्लांट में भीड़ अधिक थी। श्रमिकों ने बताया कि तेज धमाके के साथ बॉयलर फट गया। जब तक मजदूर कुछ समझ पाते तब तक चारों तरफ आग का गोला फैल गया। और चीख-पुकार मच गयी। घटना के वक्त कम से कम 1500 मजदूर मौजूद थे। इसलिए घायलों की संख्या और बढ़ सकती है। उधर, एनटीपीसी प्रबंधन का कहना है जिस यूनिट में विस्फोट हुआ वह अंडर ट्रायल थी। इसलिए विस्फोट के सही कारणों का अभी पता लगा पाना मुश्किल है।
छठी यूनिट में हुआ विस्फोट-
ऊंचाहार के पावर जेनरेटिंग यूनिट के इस प्लांट में पांच यूनिट हैं, जिसमें से प्रत्येक की क्षमता 210 मेगावाट है। यहां 1988 में बिजली उत्पादन शुरू हुआ था। मजदूरों ने बताया कि हादसा एनटीपीसी की 500 मेगावाट की छठी यूनिट में हुआ। ऐश पाईप फटने की वजह से हादसा हुआ। हादसे के बाद यूनिट को सील कर दिया गया है और वहां किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है।
सीएम ने की मुआवजे की घोषणा
घटना स्थल पर राहत और बचाव का काम पूरे जोर-शोर से जारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के प्रति शोक संवेदना जाहिर करते हुए उनके परिजनों को 2 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार का मुआवजा दिया जाएगा। सभी घायलों का इलाज सरकार अपने खर्च से कराएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिया है कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी जरूरी कदम उठाया जाना सुनिश्चित किया जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने यूपी के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह से बात की है और उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को भी निर्देश दिया है कि वह हरसंभव सहायता करें।
जिला अस्पताल में अफरातफरी-
घटना के बाद एनटीपीसी के अस्पताल में 25 घायलों को भर्ती कराया गया है। जिला अस्पताल रायबरेली में भी कुछ को लाया गया। इसके अलावा लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई और मेडिकल कालेज,लोहिया अस्पताल और सिविल अस्पताल में भी बेड रिजर्व कर दी गयी है। जिला अस्पताल में अफरातफरी का माहौल है। एनटीपीसी परिसर में बाहरी लोगों के घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कई जिलों की एंबुलेंस घटना स्थल पर बुला ली गई हैं। चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ को आपातकालीन ड्यूटी पर बुला लिया गया है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार, 10 लाशें निकाली जा चुकीं
इस हादसे में अब तक 10 लाशें निकाली जा चुकी हैं। मरने वालों की संख्या बढऩे की आशंका है। 100 लोग प्रभावित हुए हैं। एक दर्जन की हालत गंभीर है।
ऐश पाइप फटा
संजय खत्री, जिलाधिकारी, रायबरेली ने बताया प्लांट में प्रेशर के कारण ऐश पाइप फटा जिसके कारण हादसा हुआ। 100 से अधिक लोग इस घटना में घायल हुए हैं।
अंडर ट्रायल थी यूनिट
एनटीपीसी प्रबंधन ने घटना को दुर्भाग्य पूर्ण बताया है। यूनिट अंडर ट्रायल थी। इसलिए हादसे की वजह स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।
एनटीपीसी प्रबंधन,रायबरेली ने बताया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी। घटना की जांच के लिए केंद्रीय कमेटी उच्च स्तरीय जांच करेगी। और यह सुनिश्चित करेगी कि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
Published on:
01 Nov 2017 07:17 pm
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