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पुजारी प्रेमदास हत्याकांड में पुलिस ने किया खुलासा, दो नामजद व चार महिला गिरफ्तार

पुजारी प्रेमदास हत्याकांड में पुलिस ने किया खुलासा, दो नामजद व चार महिला गिरफ्तार, गिरफ्तार महिलाओं ने बाबा पर दर्ज कराई थे झूठे मुकदमे

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रायबरेली। विगत दिनों हुए श्री राम जानकी मंदिर पूरे बाबा का पुरवा इटौरा बुजुर्ग के महंत बाबा प्रेमदास की निर्मम तरीके से हत्या में पुलिस ने दो नामजद आरोपियों सहित चार महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के किरण हाल में खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया महंत प्रेमदास की हत्या के बाद सूचना दी गई थी कि रात्रि में भूमाफिया बीएन मौर्य निवासी एनटीपीसी रोड थाना ऊंचाहार रायबरेली अमृत लाल मौर्य निवासी बाबा का पुरवा मजरे इटौरा बुजुर्ग, संजीव कुमार मौर्या, राम सजीवन मौर्य निवासी बाबा का पुरवा मजरे इटौरा बुजुर्ग तथा रामस्वरूप दास द्वारा राम जानकी मंदिर के महंत बाबा प्रेमदास चेला स्वामी सत्यनारायण दास की हत्या कर दी गई है। इस पर लगातार पुलिस टीम जांच कर रही है व नामजद अपराधियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही थी। फलस्वरूप पुलिस टीम ने नामजद आरोपी अमृत लाल मौर्या निवासी बाबा का पुरवा मजरे इटौरा बुजुर्ग व संजीव कुमार मौर्या निवासी बाबा का पुरवा मजरे इटौरा बुजुर्ग थाना ऊंचाहार रायबरेली को गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरी ओर चार महिलाओं को भी पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया जिन्होंने बाबा के खिलाफ फर्जी झूठे मुकदमे दर्ज कराए थे। लेकिन जिन्हें पुलिस ने बाद में विवेचना में खारिज कर दिया था इसी में एक महिला पंचशील महाविद्यालय में कार्यरत है।

गिरफ्तार महिलाओं ने बाबा पर दर्ज कराई थे झूठे मुकदमे

 

पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह ने यह भी बताया की इन महिलाओं ने विद्यालय के प्रबंधक के कहने पर बाबा के ऊपर मानसिक तनाव बनाने के लिए फर्जी मुकदमे लिखवाए। पुलिस अधीक्षक ने बताया गिरफ्तार व्यक्तियों से हुई पूछताछ पर पता चला है कि श्री राम जानकी मंदिर की जमीन को गैरकानूनी तरीके से हथियाने के कारण श्री राम जानकी मंदिर पूरे बाबा इटौरा बुजुर्ग के महंत प्रेमदास एवं पंचशील महाविद्यालय के प्रबंधक बैजनाथ मौर्य के बीच विवाद चल रहा था इस विवाद के चलते बैजनाथ तथा अन्य गिरफ्तार व्यक्तियों द्वारा महंत प्रेमदास के विरुद्ध बलात्कार छेड़छाड़ एवं जान से मारने की धमकी के झूठे मुकदमें विभिन्न व्यक्तियों से सांठगांठ करके पंजीकृत कराए गए थे। जिसे पुलिस ने विवेचना में खारिज कर दिया था बाद में नामजद आरोपी बैजनाथ मौर्य द्वारा स्वामी प्रेमदास के विरुद्ध पंजीकृत कराए गए विभिन्न मुकदमों की संबंधित न्यायालय में पैरवी कराकर राम जानकी मंदिर ट्रस्ट की 11 बीघा जमीन हड़प का अनाधिकृत रूप से कब्जा कर दीवार बना ली गई थी तथा बलात्कार के प्रकरण में न्यायालय में पैरवी कर वारंट जारी कराया गया था। जिस से बचने के लिए स्वामी प्रेमदास द्वारा उच्च न्यायालय की शरण ली गई थी किंतु उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में स्वामी प्रेमदास को जनपद रायबरेली के संबंधित न्यायालय में 2 जनवरी 2019 को आत्मसमर्पण करना था। परंतु उससे पहले बाबा प्रेमदास का शव फांसी के फंदे से लटकता हुआ पाया गया मौके पर पहुंचे मौनी बाबा ने नामजद आरोपियों का नाम लेते हुए आरोप लगाया था उनको मार कर उनका शव मंदिर के गेट पर टांग दिया गया। मीडिया से मुखातिब मौनी बाबा ने बताया था बाबा प्रेमदास पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था और उनको धमकी भी मिल रही थी की जमीन पर अपना नियंत्रण छोड़ दें। हाल में ही बाबा प्रेमदास का एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसने उन्होंने बीएन मौर्य, रजिस्टर ऊंचाहार व 4 अन्य लोगों का जिक्र किया था कि उन्हें समझाया जा रहा है। मौनी बाबा ने यह भी कहा जिस तरीके से शव मिला है बाबा प्रेमदास के चेहरे पर चश्मा ज्यों का त्यों लगा था पैर में भी चप्पले जस की तस थी जुबान तक बाहर नहीं आई। उससे यह स्पष्ट था कि बाबा प्रेमदास की निर्मम तरीके से हत्या कर शव को आत्महत्या का रूप देने के लिए टांग दिया गया था।


पुलिस का निर्णय अभी न और हां मे अटका


पुलिस अधीक्षक ने बताया फिलहाल पुलिस सभी बारीकियों पर ध्यान दे रही है पुलिस की रडार पर अन्य लोग भी हैं। मृतक बाबा प्रेमदास का विसरा सुरक्षित रखा गया है एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य फॉरेंसिक तथ्यों का गहन अध्ययन करते हुए कार्यवाही की जा रही है। जल्द ही नामजद सभी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। जब पुलिस अधीक्षक से यह सवाल पूछा गया कि क्या आपको लगता है यह हत्या है या आत्महत्या? पुलिस अधीक्षक ने कहा फिलहाल शुरुआती जांच में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा जल्द ही सत्य निकल कर सबके सामने आएगा।


भूमाफिया या राजनीति का खेल तो नही है यह पूरी घटना


यहां पर समझने वाली बात भी है और इसमें भी कोई दो राय नहीं कि बेशकीमती जमीन पर पहले से भू माफिया नजर गड़ाए बैठे थे और वह राजनेताओं के सह पर ही बाबा प्रेमदास को डरा धमका रहे थे। साधु संतों से जुड़ा केश होने के नाते लखनऊ भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। लेकिन दूसरी और यह भी गौर करना है कहीं यह केस राजनीति का परवान ना चढ़ जाए। समूचा रायबरेली जनपद जिस हालत में शव बरामद किया गया उसे हत्या ही मान रहा है लेकिन अब सच निकल कर क्या आता है यह वक्त तय करेगा।