
खेत में बैल के चरने से मना किया तो नाराज हुआ परिवार, खेत मालिक को पीट-पीट कर मार डाला, कोर्ट ने दोषियों को सुनाई ये सजा
रायगढ़. लैलूंगा के रुपडेगा इमलीपारा में खेत में बैल के चरने से मना करने पर एक उरांव परिवार इस कदर नाराज हुआ कि उसने खेत मालिक को पीट-पीट कर मारा डाला। बलवा के बाद हत्या के इस मामले में वृद्ध दंपत्ति के साथ उसके ३ बेटे व दो बहुएं भी शामिल है। कोर्ट ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए ५००-५०० रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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रायगढ़ तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरोजनंद दास ने बलवा व हत्या के मामले में सोमवार को एक अहम फैसला सुनाया। जिसकी पैरवी शासकीय अधिवक्ता मोहन सिंह ठाकुर ने की है। मिली जानकारी के अनुसार लैलूंगा के रुपडेगा इमलीपारा निवासी सुकरु राम के खेत में हीरा उरांव का बैल अक्सर चरने पहुंच जाता था।
इस बात पर सुकरु राम की पत्नी ने मना किया तो उरांव परिवार को गुस्सा आ गया। उसके बाद उन्होंने एक राय होकर ३१ अक्टूबर २०१६ की शाम करीब ७ बजे सुकरु के घर पहुंच कर विवाद करने लगे। जिसमें बात इस कदर बढ़ गई कि उरांव परिवार के सभी सदस्य सुकरु के उपर हमला बोल दिया। जिसको जो मिला, उसी से सुकरु पर वार करना शुरु कर दिया।
एक साथ करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों द्वारा किए गए हमला में सकरु अचेत हो गया। पर आरोपियों द्वारा उसे पीट-पीट कर अधमरा करने का सिलसिला जारी था। जैसे-तैसे पीडि़त परिवार ने आरोपियों से सुकरु को छुड़ा कर उसे अस्पताल ले जाने की पहल की। पर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। ऐसे में, मृतक की पत्नी ने मामले की शिकायत अगले दिन लैलंूगा थाना में की। कोर्ट ने करीब पौने दो साल की सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को इस हत्याकांड में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिसमें ५००-५०० रुपए का अर्थदंड भी शामिल है।
बलवा व हत्या का जुर्म दर्ज
खेत में बैल के चरने को लेकर शुरु हुआ यह विवाद पहले बलवा व फिर हत्या में तब्दील हो गया। पीडि़त परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने वृद्ध दंपत्ति के साथ उसके ३ बेटे के खिलाफ बलवा व हत्या का जुर्म दर्ज किया। वहीं सभी की गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया। जिसके बाद इस हत्याकांड की सुनवाई में तेजी आई। वहीं पौने दो साल में पीडि़त पक्ष को राहत देने वाला फैसला कोर्ट ने सुनाया।
इन दोषियों को हुई आजीवन कारावास
पिता - हीरा उरांव ६० वर्ष
पत्नी - हीरामोती उरांव ५५ वर्ष
बेटा - ज्ञान प्रकाश उरांव ३५ वर्ष
बहू - कांदो उरांव ३० वर्ष
बेटा - रोहित उरांव २८ वर्ष
बहू - बेरोनिका उर्फ बोरो २५ वर्ष
बेटा - राजेश उरांव ३० वर्ष
Published on:
26 Jun 2018 01:04 pm
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