
patrika abhiyan for ajmer education
अजमेर में 30 साल से एकमात्र सरकारी विश्वविद्यालय है। यह भी 1987 में खोला गया। यहां दो सरकारी कॉलेज हैं। एक बॉयज और एक गल्र्स इंजीनियरिंग कॉलेज है। पिछले तीस साल में अजमेर में कोर्ई नई यूनिर्वसिटी स्थापित नहीं हुई। कुछ समय पहले अजमेर में शहर से बहुत दूर बान्दरसिन्दरी में केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है , जबकि राज्य के उदयपुर, जयपुर , कोटा, जोधपुर, बीकानेर में 5-6 बड़े विश्वविद्यालय खुले हैं।
जोधपुर में आईआईटी, उदयपुर में आईआईएम खोला गया है। महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय में तो रेगुलर कोर्स आर्ट्स, साइंस ,कॉर्मस और आन्त्रेप्रेन्योर के सीमित कोर्स है। अजमेर में फिल्म एण्ड एनिमेशन, फूड एन्ड बेवरेजेस, ग्रीन केमिस्ट्री, टैक्सेशन, नेनो टेक्नोलॉजी, फाइव ईयर इंटीग्रेटेड एलएलबी-एलएलएम, एक्टिंग एन्ड डाइरेक्शन, फॉरेस्ट मैनेजमेंट, ग्रीन मैनेजमेंट जैसे कोर्स नहीं है।
इसकी वजह से स्टूडेंट्स को राजस्थान अन्य शहरों और मुंबई,चेन्नई, बेंगलूरू, दिल्ली जैसे बड़े शहरों और राज्यों में पढऩे के लिए जाना पड़ता है। इस पलायन को रोकने के लिए स्टूेंड्ट्स और यूथ की क्या राय है, दीजिए पत्रिका डॉट कॉम के कमेंट बॉक्स व लाइव अजमेर पत्रिका फेसबुक पेज पर अपने व्यूज।
Published on:
16 Apr 2017 04:24 pm
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